नोएडा उपचुनाव: भाजपा और सपा में गठजोड़!
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सूत्रों ने जानकारी दी है कि उपचुनावों को लेकर भाजपा और सपा में समझौता हो गया है, इसीलिए सपा की तरफ से नोएडा में कोई कैंडिडेट अभी नहीं उतारा गया है।
इंतजार किया जा रहा है कि अगर भाजपा मंत्री पुत्र को टिकट दिया जाता है तो सपा कोई कमजोर प्रत्याशी उतार देगा। कांग्रेस की दिक्कत यह है कि वह भाजपा और सपा का इंतजार कर रही है और टिकट मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा ही है।
भाजपा, सपा और कांग्रेस की तरफ से अभी कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है। शनिवार को भाजपा की चुनाव समिति की बैठक के बाद प्रत्याशी की कभी भी घोषणा कर दी जाएगी।
यानी शनिवार को कोई नामांकन नहीं होगा। रविवार की छुट्टी है। सोमवार, मंगलवार और बुधवार तीन दिन ही बचे हैं, जब नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कमेटी की बैठक में कुछ चुने हुए नामों पर चर्चा की गई
भाजपा कोर कमेटी की बैठक शुक्रवार को वृंदावन में हुई। इसमें नोएडा समेत प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में प्रत्याशियों के नामों पर मंथन हुआ। शनिवार को चुनाव समिति की बैठक में प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी की बैठक में कुछ चुने हुए नामों पर चर्चा की गई और दावेदारों का पिछला रिकॉर्ड भी खंगाला गया। इनमें से नोएडा में कई नाम खारिज कर दिए गए हैं। नोएडा विधानसभा के उपचुनाव में अनोखा खेल किया जा रहा है।
बार-बार एक मंत्री पुत्र का नाम उछलता है और फिर बंद हो जाता है। एक दिन पहले मंत्री पुत्र ने नोएडा में चुनाव लड़ने का मन बनाया और यहां पर मकान की भी तलाश शुरू कर दी।
बताते हैं कि जब हाईकमान ने मना कर दिया तो मकान तलाशने वाला चुप हो गया। शुक्रवार को एक नई चर्चा हुई कि फिर से वह सक्रिय हो गए और मकान की तलाश शुरू कर दी गई। इस बार उनकी सिफारिश के लिए मंत्री के घर से प्रत्याशी बनाए जाने के लिए दबाव बनाया गया।