फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   BJP is following the policy of breaking the morale of Aam Aadmi Party

कैलाश गहलौत के जाने से 'आप' को फायदा!: विधानसभा चुनाव में केजरीवाल खुलकर खेलेंगे ये खेल, दूर तक जाएगा संदेश

Mon, 18 Nov 2024 06:53 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 18 Nov 2024 06:53 PM IST
सार

राजनीति के जानकारों की माने तो आम आदमी पार्टी के गठन के बाद से अब तक कई नेताओं ने पार्टी छोड़ी है। पार्टी के थिंक टैंक माने वाले योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, किरण बेदी और कुमार विश्वास समेत कई नेता किनारा कर चुके हैं। बावजूद अरविंद केजरीवाल में लोगों का विश्वास कायम है। 

विज्ञापन
BJP is following the policy of breaking the morale of Aam Aadmi Party
अरविंद केजरीवाल और कैलाश गहलौत - फोटो : एएनआई

विस्तार

पिछले कई अरसे से दिल्ली की सत्ता से दूर रही भाजपा सत्ता पक्ष के खिलाफ इस बार कोई कसर नहीं छोड़ने के मूड में नहीं दिखाई पड़ रही। आम आदमी पार्टी के कथित भ्रष्टाचार पर हमलावर रही भाजपा बागी नेताओं को भी अपनाने में पीछे नहीं है। दरअसल इसके पीछे की रणनीति आम आदमी पार्टी के मनोबल को तोड़ने की है। 

विज्ञापन

आप की पोल खुलवाने की रणनीति
रणनीति के तहत भाजपा आम आदमी पार्टी के बागियों को अपने पाले में कर रही है। ताकि चुनाव प्रचार के दौरान उनके ही नेताओं से सरकार के भ्रष्टाचार का पोल खुलवाया जा सके। हालांकि अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी को वन मैन शो वाली पार्टी बना चुके हैं, लिहाजा किसी के आने व जाने से पार्टी में बहुत ज्यादा डेंट की उम्मीद नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली की सियासत में आया भू-चाल
पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत का आम आदमी पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने को चुनावी जानकार कई सियासी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। जोड़-तोड़ की राजनीति किसी भी पार्टी के लिए नई नहीं है, लेकिन गहलोत प्रकरण ने दिल्ली की सियासत में भू-चाल ला दिया है। 

विज्ञापन

अब खुलकर विक्टिम कार्ड खेलेंगे केजरीवाल 
राजनीति के जानकारों की माने तो आम आदमी पार्टी के गठन के बाद से अब तक कई नेताओं ने पार्टी छोड़ी है। पार्टी के थिंक टैंक माने वाले योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, किरण बेदी और कुमार विश्वास समेत कई नेता किनारा कर चुके हैं। बावजूद अरविंद केजरीवाल में लोगों का विश्वास कायम है। बागियों की वजह से उन्हें अब खुलकर विक्टिम कार्ड भी खेलने का मौका मिलेगा। केजरीवाल यह साबित करेंगे कि भाजपा ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर आप को खत्म करना चाहती है। वे कई साल से यह आरोप भाजपा पर लगा भी रहे हैं। भाजपा और केंद्र सरकार मिलकर आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। उनको अपनी बात को सही ठहराने का वजह मिल गया है।

जागी कांग्रेस की उम्मीद
उधर, भाजपा और कांग्रेस की उम्मीदें सत्ता के करीब पहुंचने की बढ़ गई है। अब उन्हें लगने लगा है कि अरविंद केजरीवाल के सभी विश्वासपात्र उनसे दूरी बना रहे हैं। इस फेहरिस्त में अभी कई लोग शामिल है। वक्त के साथ वह भी पाला बदलेंगे और कार्यकर्ताओं में इसका संदेश नकारात्मक जाएगा। चुनाव नजदीक है लिहाजा पार्टी के भीतर टूट-फुट से आम आदमी पार्टी के खिलाफ संदेश दूर तक जाएगा। कांग्रेस पार्टी को भी उम्मीद है कि उनके मतदाता जो आम आदमी पार्टी के करीब चले गए है उनका मोह भंग होगा और वे वापस कांग्रेस के पाले में आएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed