बिसाहड़ा: महापंचायत के लिए योगी आदित्यनाथ और संगीत सोम को जाएगा बुलावा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसाहड़ा में 10 अप्रैल को होने वाली साठा चौरासी की महापंचायत में भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ, विधायक संगीत सोम और विधायक सुरेश राणा के अलावा कई अन्य नेताओं को पंचायत में बुलाया जा रहा है।
महापंचायत में के लिए तीन मुद्दे तय किए गए हैं। इनमें मामले की सीबीआई जांच कराने, फोरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक करने और रिपोर्ट सही पाए जाने पर विरोधी पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग शामिल हैं।
उधर, महापंचायत को लेकर ग्रामीणों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने ऐसे लोगों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है तो इसमें अहम किरदार निभा रहे हैं। पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने गांव और ठाकुर समाज के नेताओं को नजरबंद करना शुरू कर दिया है।
गांव में तैनात है भारी पुलिस बल और दमकल की गाड़ियां
इसके लिए प्रशासन ने खुफिया विभाग से लेकर उन्हीं की बिरादरी के पुलिस और प्रशासनिक अफसर तथा कर्मचारियों को भी लगाया गया है। जिससे पंचायत की रणनीति के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।
साठा चौरासी की सर्वजातीय महापंचायत को लेकर प्रशासन की बेचैनी साफ तौर पर झलक रही है। भारी पुलिस बल के अलावा दमकल से लेकर वज्रवाहन आदि अभी से गांव में पहुंचा दिए गए हैं।
वहीं ग्रामीणों के मुताबिक अखबारों में पर्चे डलवाकर लोगों तक महापंचायत की खबर पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा सवेरे चार बजे से आठ बजे तक युवाओं की टोली आसपास के गांवों में पर्चे बांट रही है।
मामला बढ़ता देख वापल बुलाए गए डीएम
खुली पंचायत में सहानुभूति रखने वाले दूसरी बिरादरी के लोगों को भी इस महापंचायत में आमंत्रित किया जा रहा है। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि पंचायत को केवल साठा चौरासी के लिए ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी शामिल होंगे। इसलिए अब इसे खुली और सर्वजातीय पंचायत के तौर पर भी प्रचारित किया जा रहा है।
गांव में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों का इतना विरोध है कि ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनके साथ कोई गलत नहीं होगा। जो लोग निर्दोष हैं उन्हें हर हालत में बचाया जाएगा। मगर सभी युवकों को एक-एक करके गिरफ्तार कर लिया गया है और अब उन्हें कोई मदद करना तो दूर पास तक फटकने को तैयार नहीं है। इसलिए ग्रामीणों ने राशन लेना भी बंद कर दिया है।
बिसाहड़ा में मामले को तूल पकड़ता देख शासन ने डीएम एनपी सिंह को शासन ने ट्रेनिंग से वापस बुला लिया है। ट्रेनिंग के सिलसिले में वह हैदराबाद में थे। बृहस्पतिवार को बिसाहड़ा में ग्रामीणों की पंचायत में जो मांग एसडीएम और सीओ के समक्ष रखी हैं उन पर रात में जिले के सभी अफसरों की एक बैठक होगी। माना जा रहा है कि डीएम जल्द ही बिसाहड़ा का दौरा भी कर सकते हैं।