बिसाहड़ा: आरोपी के परिजन बोले बेटे को राजनीति में फंसाया
बिसाहड़ा में इकलाख की हत्या में सोनू नामक युवक का नाम शामिल होने के बाद उसके पिता ने एसएसपी से निष्पक्ष विवेचना की मांग की है।
उनका आरोप है कि गांव की राजनीति के चलते उनके बेटे का नाम पुलिस में लिखवाया गया है। वारदात के दिन वह गांव में नहीं था, जिसका उनके पास साक्ष्य भी है।
मंगलवार को सोनू के परिजन और नोएडा स्थित एक मॉल से उसके साथी एसएसपी से मिलने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
नोएडा सेक्टर- 38ए ग्रेट इंडिया पैलेस (जीआईपी) में कार्यरत बबलू सिंह, विक्रम कुमार, सचिन कुमार, अमन मिश्रा, सूरज मिश्रा और सोनू के पिता धर्मवीर ने इस मामले की विवेचना निष्पक्ष करने की मांग उठाई।
दानिश, शाइस्ता के बयान पर शामिल हुआ था नाम
इन लोगों ने बताया कि इकलाख हत्याकांड में 10 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें सोनू उर्फ सुमित का नाम नहीं था, मगर कुछ लोगों ने रंजिशन सोनू का नाम लिखवा दिया है।
28 सितंबर की सुबह 11 बजे से रात करीब 9: 40 बजे तक सोनू जीआईपी मॉल में अमन मिश्रा की दुकान पर था। उसके बाद वह किराये के मकान चौड़ा में चला गया।
धर्मवीर ने आरोप लगाया गांव की राजनीति में उसके बेटे का झूठा नाम लिया है। एसपी देहात संजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में उनसे कोई आकर नहीं मिला। परिवार के लोग इस तरह के साक्ष्य देते हैं तो जांच कराई जाएगी। जांच में निर्दोष पाए जाने पर उसका नाम हटा दिया जाएगा।
दानिश और शाइस्ता के बयान लिए गए थे। बयान के दौरान 9 आरोपियों के नाम शामिल हुए थे। 9 आरोपियों में जो नाम सामने आए उनमें सुमित उर्फ सोनू का नाम भी आया है।