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बिन स्मोकिंग, पी रहे 10 सिगरेट जितना धुआं
डीपी आर्य/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 21 Mar 2015 09:19 PM IST
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दिल्ली-एनसीआर का वातावरण जहरीला होता जा रहा है। यहां पर 10 सिगरेट के बराबर धुआं प्रत्येक व्यक्ति को रोजाना लेना पड़ रहा है। राष्ट्रीय प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
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वाहनों की बढ़ती संख्या और फैक्ट्रियों में पर्यावरण मानकों का पालन न होना इसका मुख्य कारण है। इससे लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञ भी इससे चिंतित हैं।
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यह है स्थिति
दिल्ली-एनसीआर के वातावरण में हानिकारक रसायनों और धूल-धुआं की मात्रा साल दर साल बढ़ती जा रही है। शहर सूबे का सबसे प्रदूषित शहर है। दिल्ली-एनसीआर दुनिया के 10 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। यहां सबसे ज्यादा परेशानी एसओ-2, सीओ-2 और एसपीएम की है।
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सीओ-2 की मात्रा मानक 50 के सापेक्ष 170, सीओ-2 की मात्रा मानक 40 केसापेक्ष 240 और एसपीएम की मात्रा मानक 30 के सापेक्ष 350 इकाई प्रति घन मीटर तक पहुंच रही है। फिजिशियन डा. जीवी सिंह की मानें तो दिल्ली-एनसीआर के लोगों के फेफड़ों पर 10 सिगरेट रोजाना पीने वालों जितना प्रभाव डाल रहा है।
यह होती है परेशानी
प्रदूषण से दिल्ली-एनसीआर के लोगों में कैंसर और एलर्जी की शिकायतें बढ़ रही हैं। इससे सांस नली में सूजन के मामले बढ़ रहे हैं। एसिडिटी, हाइपरटेंशन के मामले बढ़ रहे हैं। लोगों में उग्रता और झगड़ालू प्रवृति बढ़ रही है। इसका जल्द समाधान भी नजर नहीं आ रहा।
यह है बचाव
घर से बाहर मास्क और चश्मा लगाकर निकलें। घरों पर हरे पौधे लगाएं और जल स्रोत बढ़ाएं। समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें। जाम में फंसने और चौराहों पर वाहनों के सीधे धुएं के संपर्क में आने से बचें।