जब शब-ए-बरात पर हिंदू-मुस्लिम बाइकर्स ने पेश की इंसानियत की मिसाल
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शब-ए-बरात में आमतौर पर बाइकर्स हुड़दंग मचाते हैं, लेकिन रविवार रात को शालीमार बाग इलाके में बाइक सवार हिंदू-मुस्लिम युवकों ने इंसानियत की ऐसी मिसाल कायम की, जिससे पुलिस अधिकारी भी गदगद हो गए।
आउटर रिंग रोड पर कार सवार एक परिवार हादसे का शिकार हो गया। बाइक सवार युवकों ने फौरन परिवार के चार सदस्यों को कार से बाहर निकालकर मैक्स अस्पताल पहुंचाया। इनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।
युवकों ने मौके पर लगे भारी जाम को भी खुलवाया। पुलिस मौके पर पहुंची तो घटना का पता चला। पुलिस उपायुक्त ने इन युवकों को सम्मानित करने की घोषणा की है।उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त विजय सिंह ने बताया कि रविवार रात को बिहारी कॉलोनी, शाहदरा निवासी निखिल अरोड़ा (29), उनके पिता किशन लाल (55), मां वीणा (52) और पत्नी ज्योति (27) रोहिणी से अपने घर लौट रहे थे।
इस बीच जैसे ही यह हैदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे अचानक पीछे से आई हुंडई वर्ना कार ने इनकी आई-10 कार को टक्कर मार दी। कार आगे जा रहे ट्रक में घुस गई।
हाथ कटने के बाद भी युवक ने नहीं मानी हार
निखिल और उसका परिवार हादसे में बुरी तरह घायल हो गया। वहीं वर्ना कार सवार मौके से फरार हो गया। पीछे आ रहे बाइक सवार कुछ मुस्लिम व हिंदू युवकों ने फौरन अपनी बाइक रोकी और घायलों की मदद में लग गए।
दरवाजा खोलने के चक्कर में एक युवक का हाथ भी कट गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। खून से लथपथ लोगों को कार से निकालकर मैक्स अस्पताल पहुंचाया। इस बीच घटनास्थल पर जाम लग गया।
पुलिस को भी पहुंचने पर दिक्कत हुई, लेकिन इन युवकों ने ट्रैफिक भी चलाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद एसएचओ शालीमार बाग मौके पर पहुंच गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना दे दी गई।
मुस्लिम युवक तो वहां से चले गए, लेकिन पुलिस को मौके पर जहांगीरपुरी निवासी गौरव व अमित उर्फ मोंटू मिले। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इनकी तारीफ की। डीसीपी विजय सिंह के मुताबिक, मुस्लिम युवकों की पहचान कर उनको सम्मानित किया जाएगा।