बाइक बोट का फ्रेंचाइजी हेड विजय कसाना पुलिस के हत्थे चढ़ा, करोड़ों की ठगी के केस में है नामजद
-हादसे में घायल होने के बाद मेरठ के अस्पताल में है भर्ती, पुलिस की निगरानी में रहेगा
-देश के सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों की ठगी के केस में है नामजद, पुलिस को थी तलाश
विस्तार
देश के सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों की ठगी का आरोपी गर्वित इंफोटेक बाइक बोट के नेशनल फ्रेंचाइजी हेड विजय पाल कसाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। विजय निवेशकों से ठगी मामले में नामजद है। सड़क हादसे में पैर में चोट लगने के बाद वह मेरठ के पल्लवपुरम स्थित सर्वहित अस्पताल में भर्ती हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे निगरानी में ले लिया है।
बाइक बोट के नाम पर एक साल में लगभग दोगुना धन करने का झांसा देकर गर्वित इंफोटेक के अधिकारियों ने करोड़ों की ठगी की थी। नवंबर-दिसंबर 2018 से निवेशकों के खाते में किस्त आना बंद हो गई थी। आरोपियों ने तीन चार माह बाद के चेक निवेशकों को सौंपे थे, लेकिन वह बाउंस हो गए। उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के निवेशकों ने भी कंपनी के पदाधिकारियों पर ठगी का आरोप लगाया था।
पुलिस ने कंपनी के निदेशक संजय भाटी समेत कई पदाधिकारियों पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। सबसे पहले जयपुर के सुनील मीणा ने आरोपियों को नामजद कराया था। हालांकि केस दर्ज होने तक आरोपियों ने सुनील मीणा का रुपया लौटा दिया था। लेकिन मीणा ने यह कहकर शिकायत वापस लेने से इंकार कर दिया था कि उनके परिचितों का पैसा कंपनी में फंसा है।
इसके बाद संजय भाटी हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश ले आया था। इसके चलते पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। लेकिन ठगी का शिकार सैकड़ों लोग एक के बाद एक लामबंद होते चले गए। साथ ही थाने से लेकर प्रधानमंत्री तक आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी और रुपया वापस दिलाने की मांग की।
दादरी थाने में 33 केस हैं दर्ज
दादरी थाना पुलिस ने निवेशकों की शिकायत पर कुल 33 केस दर्ज किए। एसएसपी वैभव कृष्ण द्वारा गठित आर्थिक अपराध सेल प्रभारी शैलेश यादव के नेतृत्व में जांच कर रही है। बुधवार को विजय कसाना के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर टीम वहां पहुंच गई। अधिकारियों के आदेश पर इलाज होने तक आरोपी की निगरानी में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।
आंदोलन कर रहे थे निवेशक
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सैकड़ों निवेशक आंदोलन को विवश हुए थे। निवेशकों ने गुरुग्राम, दिल्ली के जंतर मंतर के अलावा दादरी स्थित बाइक बोट के दफ्तर के सामने भी अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। वह लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस उनके खिलाफ साक्ष्य एकत्रित करने के अलावा खातों को फ्रीज करने की भी कार्रवाई कर रही थी। कुछ दिनों से गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी गई। अब पुलिस आरोपी से संजय भाटी समेत अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी।
संजय भाटी ने अपनों से भी संपर्क तोड़ा
ठगी का शिकार निवेशक के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक ऑडियो पिछले कुछ दिन से तेजी से वायरल हो रही है। यह ऑडियो 8 मिनट से अधिक की है। इसमें एक शख्स खुद को विजय कसाना बता रहा है। वह कह रहा है कि संजय भाटी ने उसे भी धोखा दिया है। जबकि उन्होंने आंख मूंदकर संजय भाटी पर विश्वास किया था। लेकिन 25 अप्रैल के बाद से संजय भाटी ने उनसे भी संपर्क तोड़ दिया है। विजय कसाना खुद के निवेशकों के साथ होने का दावा कर रहा है।
वर्जन
आरोपी विजय कसाना के मेरठ अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर तुरंत टीम को भेजा गया। आरोपी सड़क हादसे में पैर में चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती हुआ है। पुलिस ने उसे निगरानी में ले लिया है। स्वस्थ होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।-विनीत जायसवाल, एसपी देहात