कठघरे में दिल्ली पुलिस, सचिवालय में मीडिया की एंट्री नहीं तो आम कार्यकर्ताओं ने कैसे किया कब्जा
राजधानी में कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी पंगु होकर रह गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित मंत्रियों ने उपराज्यपाल निवास पर धरना दे रखा है तो भाजपा के विधायकों ने दिल्ली सचिवालय पर अपने समर्थकों के साथ कब्जा कर रखा है।
सचिवालय में मीडिया कर्मियों की भी एंट्री का समय तय है और बिना सुरक्षा जांच के किसी के भी प्रवेश की इजाजत नहीं है। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं के अंदर जाने व प्रदर्शन करने से दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
इसमें कोई संदेह नहीं कि दिल्ली में जो भी हाईवेल्टेज ड्रामा चल रहा है वह न दिल्ली वासियों के लिए ठीक है न ही देश के लिए। इस प्रकार के धरनों-प्रदर्शनों से आम जनता में दोनों ही पार्टियों की प्रतिष्ठा को आघात लगा है। मुख्यमंत्री ने धरना दिया तो उसका जवाब धरना नहीं हो सकता।
आम आदमी पार्टी का जन्म ही आंदोलन की राजनीति से हुआ है। पार्टी की जब से सरकार बनी है उसकी इमेज धरना देने वाली पार्टी की ही बनी है। पार्टी हालांकि हर धरने को आम जनता की बात कहकर सफाई देती रही है लेकिन हर बात को मनवाने के लिए यदि राजनीतिक पार्टी वह भी सत्ताधारी उसे सही नहीं ठहराया जा सकता।
दूसरी तरफ भाजपा व कांग्रेस हैं। भाजपा नेता विपक्ष में हैं तो कांग्रेस का कहीं नाम नहीं है। दोनों पार्टियों का सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ धरना देना जायज है लेकिन जिस प्रकार की नीति भाजपा विधायकों ने अपनाई है उससे उसकी प्रतिष्ठा भी खराब हुई है।
उपराज्यपाल निवास के बाद दिल्ली सचिवालय में जिस प्रकार धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ, उससे पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आखिर कड़ी सुरक्षा वाले सचिवालय में विधायकों के अलावा उनके समर्थक किस प्रकार पहुंचे और किस प्रकार छत पर पहुंचे।
हालांकि छत तो दूर सचिवालय तक जाने की किसी को इजाजत नहीं है। सचिवालय में मीडिया कर्मियों की एंट्री पर सरकार ने तय समय से पहले एंट्री पर रोक लगा रखी है। तीन लेयर वाली सुरक्षा व्यवस्था को आखिर कैसे आम समर्थकों ने भेद दिया या फिर पुलिस की खुफिया एजेंसी की लापरवाही रही कि उसे सचिवालय पर कब्जे का पता ही नहीं चला।
पुलिस उपराज्यपाल निवास से तो बिना उनकी अनुमति के किसी को बाहर नहीं निकाल सकती लेकिन सचिवालय पर कब्जा खाली कराने के लिए वह किस के आदेश का इंतजार कर रही है।