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दिल्ली विधानसभा चुनावः बाबरपुर में आप के दिग्गज गोपाल राय के सामने इस बार बड़ी चुनौती
Sun, 26 Jan 2020 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 26 Jan 2020 06:09 AM IST
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आप नेता गोपाल राय
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र की बाबरपुर विधानसभा सीट पर काबिज आम आदमी पार्टी के दिग्गज गोपाल राय की इस बार दिल्ली विधानसभा की राह आसान नहीं है। क्योंकि, भाजपा से चार बार विधायक रह चुके व वरिष्ठ नेता नरेश गौड़ और कांग्रेस की युवा नेता अनवीक्षा जैन उन्हें चुनौती दे रही हैं। तीनों नेता अपने-अपने स्तर पर एक-दूसरे को शिकस्त देने की लिए दिल्ली के रण में उतर चुके हैं।
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गोपाल राय ने इस सीट को दोबारा फतह करने के लिए चक्रव्यूह तैयार किया है। हालांकि, 2013 चुनाव में नरेश गौड़ ने इसी सीट पर राय को शिकस्त दी थी। वहीं, गौड़ अपने तजुर्बे के दम पर विरोधियों को घेर रहे हैं। चुनावी मैदान में पहली बार उतरी अनवीक्षा जैन ने पारिवारिक पृष्ठभूमि व युवा जोश से सीट पर काबिज होने की रणनीति तैयार की हैं। तीनों के लिए जीत आसान नहीं है।
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गोपाल राय की ताकत और कमजोरी
मजबूती :
. दिल्ली सरकार के मंत्री के तौर पर इलाके में किया गया काम।
. बतौर, पार्टी प्रदेश संयोजक कार्यकर्ताओं से संपर्क।
. मिलनसार व्यवहार के कारण लोगों से जुड़ाव।
कमजोरी :
. पार्टी व सरकार की अहम जिम्मेदारियों से इलाके में कम रहती है मौजूदगी।
. मंत्री के तौर पर मिलना नहीं रहता आसान।
. सत्ता में होने से लोगों में नाराजगी संभव।
कांग्रेस : अनवीक्षा जैन
मजबूती :
. परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि होने से इलाके में पहचान।
. सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी।
. पति कारोबारी, कारोबारियों के बीच पकड़।
कमजोरी :
. परिवार से कार्यकर्ताओं में नाराजगी संभव।
. पार्टी के प्रति परिवार की आस्था कमजोर।
. आम लोगों के बीच राजनीतिक सक्रियता नहीं।
---
नरेश गौड़ : भाजपा
मजबूती :
. पुराने दिग्गज, बाबरपुर से चार बार विधायक रहे।
. राष्ट्रीय स्वयं संघ से नजदीकी।
. कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों में मजबूत पकड़।
--
कमजोरी :
. उम्र ज्यादा होने से तुलनात्मक रूप से सक्रियता में कमी।
. सियासी तौर पर सक्रिय होने से निजी स्तर पर नाखुशी संभव।
. सीएए व एनआरसी विरोधी आंदोलनों से भाजपा के खिलाफ मुस्लिम वर्ग में नाराजगी।
जातीय समीकरण (फीसदी में)
1. सामान्य : 38
ब्राह्मण : 18
वैश्य व जैन : 8
राजपूत : 8
पंजाबी : 4
2. मुस्लिम : 27
3. अनुसूचित जाति : 6
जाटव : 3
वाल्मीकि : 2
अन्य : 1
4. ओबीसी : 10
पाल : 4
गुर्जर : 3
जाट : 3
5. मिश्रित आबादी : 19
पूर्वांचल : 13
पहाड़ी : 4
अन्य : 2
नोट : आंकड़े राजनीतिक पार्टियों से जुटाए गए हैं।
2015 विधानसभा चुनाव में मिले वोट
पार्टी प्रत्याशी वोट
आप गोपाल राय 75,928
भाजपा नरेश गौड़ 40,440
मजबूती :
. परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि होने से इलाके में पहचान।
. सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी।
. पति कारोबारी, कारोबारियों के बीच पकड़।
कमजोरी :
. परिवार से कार्यकर्ताओं में नाराजगी संभव।
. पार्टी के प्रति परिवार की आस्था कमजोर।
. आम लोगों के बीच राजनीतिक सक्रियता नहीं।
---
नरेश गौड़ : भाजपा
मजबूती :
. पुराने दिग्गज, बाबरपुर से चार बार विधायक रहे।
. राष्ट्रीय स्वयं संघ से नजदीकी।
. कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों में मजबूत पकड़।
--
कमजोरी :
. उम्र ज्यादा होने से तुलनात्मक रूप से सक्रियता में कमी।
. सियासी तौर पर सक्रिय होने से निजी स्तर पर नाखुशी संभव।
. सीएए व एनआरसी विरोधी आंदोलनों से भाजपा के खिलाफ मुस्लिम वर्ग में नाराजगी।
जातीय समीकरण (फीसदी में)
1. सामान्य : 38
ब्राह्मण : 18
वैश्य व जैन : 8
राजपूत : 8
पंजाबी : 4
2. मुस्लिम : 27
3. अनुसूचित जाति : 6
जाटव : 3
वाल्मीकि : 2
अन्य : 1
4. ओबीसी : 10
पाल : 4
गुर्जर : 3
जाट : 3
5. मिश्रित आबादी : 19
पूर्वांचल : 13
पहाड़ी : 4
अन्य : 2
नोट : आंकड़े राजनीतिक पार्टियों से जुटाए गए हैं।
2015 विधानसभा चुनाव में मिले वोट
पार्टी प्रत्याशी वोट
आप गोपाल राय 75,928
भाजपा नरेश गौड़ 40,440