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Delhi NCR News: धोखाधड़ी में बिग बुल इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 08:31 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बिग बुल इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक योगेश शर्मा को नोएडा से गिरफ्तार किया। योगेश पर 31 निवेशकों से 2.31 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। निवेशकों को न तो प्लॉट मिले, न ही रिफंड।

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विस्तार

-दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नोएडा से किया गिरफ्तार,
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- प्री लॉन्च प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर 31 निवेशकों से 2.31 करोड़ की ठगी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने करोड़ोें रुपये की धोखाधड़ी में बिग बुल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक योगेश शर्मा को नोएडा से गिरफ्तार किया है। योगेश पर आरोप है कि अपने प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट बिग बुल आशियाना में निवेश करने का झांसा देकर 31 निवेशकों से करीब 2.31 करोड़ रुपये की ठगी की। अदालत ने इस मामले में आरोपी को भगोड़ा करार दिया था।
शाखा के पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह ने बताया कि जून 2018 में 31 शिकायतकर्ताओं ने शाखा में ठगी की शिकायत की थी। उसमें आरोप लगाया कि बिग बुल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने चंदवाजी जयपुर राजस्थान स्थित अपनी परियोजना बिग बुल आशियाना में निवेश करने के लिए जनता को लुभाया। 31 से अधिक निवेशकों से करोड़ों रुपये लेने के बाद आरोपियों ने अपना कार्यालय बंद कर दिया। निवेशकों को न तो प्लॉट दिया गया न ही वहां पर कोई निर्माण कार्य ही किया गया। आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए खरीदी गई भूमि को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। शाखा ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया।
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सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उसे भगोड़ा घोषित किया
जांच में पता चला कि कंपनी ने 31 निवेशकों के साथ करीब 2.31 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। उसने मध्यम वर्ग के पीड़ितों को जयपुर, राजस्थान में प्लॉट देने का वादा कर उनसे निवेश करवाया। निवेशकों के पैसे से चंदवाजी में खरीदी गई करीब 18 बीघा जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। निदेशक योगेश शर्मा ने निवेशकों को गुमराह करने के लिए जमीन के एक बड़े हिस्से पर कई परियोजना बोर्ड लगा दिए, जो उनके नहीं थे। जेडीए नियमों के अनुसार, निवेशकों से बुकिंग करने से पहले जमीन को आवासीय उपयोग में बदलने की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। जो कंपनी के पास नहीं थे। निवेशकों के पैसे का इस्तेमाल अन्य क्षेत्रों में जमीन खरीदने के लिए किया।
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आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद शाखा की टीम ने आरोपी योगेश को 24 सितंबर को नोएडा सेक्टर 120 स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि योगेश शर्मा आईआईपीएम से वित्त और विपणन में एमबीए है। एक ही व्यवसाय में होने की वजह से वह लंबे समय से वित्तीय गतिविधियों में सह-निदेशकों और अन्य आरोपियों के साथ जुड़ा था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसके खिलाफ जयपुर में दो, नोएडा सेक्टर 20 में दो, आर्थिक अपराध शाखा में एक धोखाधड़ी और राजौरी गार्डन में दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज है।
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