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छोटे भाई के शरीर में पड़ गए कीड़े, उसी के बीच बड़ा भाई खुद खाना बनाकर खाता रहा  

Sat, 08 Jul 2017 12:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 08 Jul 2017 12:00 PM IST
सार

प्रह्लाद का कहना उसने 26 जून को बहन व भाई को चिट्ठी लिखकर जल्दी घर आने के लिए कहा 
नौ दिन तक भाई के शव के साथ सोने का मामला:      
भाई की तबीयत खराब होने की बात कर बहन-भाई को लिखी चिट्ठी
-प्रह्लाद का कहना उसने 26 जून को बहन व भाई को चिट्ठी लिखकर जल्दी घर आने के लिए कहा      
-    
-शव बरामद करने के बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने लाई तो वहां उसने नहीं खाया खाना      
-घर पहुंचकर बुजुर्ग प्रह्लाद ने खुद बनाया खाना और खाया, पड़ोसियों से भी नहीं मिलते थे दोनों भाई      
शुजात आलम      
नई दिल्ली, 05 जुलाई      

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big brother used to make food with brothers dead body in the house in delhi
डेमो - फोटो : demo pic

विस्तार

राजेंद्र की मौत हो जाने की बात प्रह्लाद किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं है। शव बरामद कर पुलिस प्रह्लाद को पूछताछ के लिए सोमवार को थाने ले गई। वहां प्रह्लाद ने बताया कि उसके भाई की तबीयत ज्यादा खराब है।

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इसके लिए उसने अपनी झांसी में रहने वाली बहन व बीकानेर में रहने वाले बड़े भाई को चिट्ठी लिख सूचना देकर जल्दी घर आने के लिए कहा है। लेकिन पुलिस द्वारा दोनों का पता पूछने पर वह बहन-भाई का पता भी नहीं बता पा रहा है।
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इधर छानबीन के दौरान पुलिस को राजेंद्र का स्विच ऑफ हुआ मोबाइल भी मिला है, लेकिन उससे भी पुलिस को उसके परिवार का पता नहीं चल पाया है। पड़ोसियों का कहना है कि करीब 35-40 साल से दोनों भाई इसी मकान में रह रहे हैं।

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चार साल पहले आई थी घर पर बहन...

big brother used to make food with brothers dead body in the house in delhi
demo pic - फोटो : अमर उजाला

करीब 60 गज का मकान इतना पुराना है कि मौजूद समय में यह जमीन चार फुट भराव में चला गया है। माता-पिता की मौत के बाद बहन झांसी व बड़े भाई का परिवार बीकानेर चला गया। इनका एक भाई गूंगा-बहरा था, जो दिल्ली में कहीं चला गया, जो वापस नहीं लौटा।

दोनों भाईयों की शादी नहीं हुई तो दोनों अकेले ही रहते थे। दोनों ही पड़ोसियों से मिलना जुलना भी पसंद नहीं करते थे। राजेंद्र के स्कूल के मैनेजर राम कृष्ण ने बताया कि राजेंद्र स्कूल में भी किसी से बहुत ज्यादा बाद नहीं करता था। स्कूल में समय पूरा होने के बाद वह घर वापस लौट आता था। घर का खाना बनाने का काम प्रह्लाद की करता था।      

पुलिस की छानबीन में पता चला है कि करीब चार साल पूर्व राजेंद्र व प्रह्लाद की बहन झांसी से दिल्ली दोनों भाईयों से मिलने आई थी, लेकिन दोनों भाईयों ने उससे झगड़ा कर उसे वापस भेज दिया था। इसके बाद पड़ोसियों ने उनके घर किसी को आते हुए नहीं देखा। दोनों ही भाई किसी से मिलना पसंद नहीं करते थे। पड़ोसी भी दोनों के घर अंदर कभी नहीं गए थे।

घर से बाहर नहीं निकलता है प्रह्लाद...

big brother used to make food with brothers dead body in the house in delhi
डेमो - फोटो : demo pic

प्रह्लाद के पड़ोसियों की मानें तो उन्होंने कभी उसे घर से बाहर निकलते नहीं देखा था। वह बस गेट खोलने आता था। कोई उनके घर आता भी था तो वह गेट पर ही खड़ा होकर बातचीत करता है।

पड़ोसियों को तो यहां तक कहना है कि प्रह्लाद दरवाजा भी बहुत थोड़ा ही खोलता था। घर के बाहर के काम राजेंद्र खुद करता था। बाहर आते-जाते समय वह किसी से मिलता भी नहीं था।

फिलहाल प्रह्लाद अपने घर में मौजूद...

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मृत शरीर - फोटो : demo pic

मानसिक रूप से बीमार प्रह्लाद अपने घर में मौजूद है, पुलिस उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। प्रह्लाद उनका पता भी नहीं बता रहा है। पुलिस उनका पता लगाने का प्रयास करेगी। मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रह्लाद किसी भी मदद को अस्वीकार कर रहा है।

अगर परिवार का जल्द पता नहीं चलता है कि उसकी काउंसलिं कराकर उसका मानसिक इलाज कराया जाएगा। इसके अलावा उसको किसी वृद्धा आश्रम में भी भेजने का प्रयास किया जाएगा।

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