Bhiwani Double Murder: बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर केस होने से हिंदू संगठनों में रोष, बड़े आंदोलन की चेतावनी
पदाधिकारियों का कहना है कि मात्र आरोप लगा देने से कोई मामले में दोषी नहीं हो जाता। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है तो पहले इसकी पूरी तरह से जांच करे और जांच में तथ्य सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करे।
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राजस्थान से दो युवकों का अपहरण कर हरियाणा के भिवानी में जलाकर हुई मौत मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर हत्या का केस दर्ज किए जाने से बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में रोष है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजस्थान को कांग्रेस सरकार की द्वेष भावना बताया है। पदाधिकारियों का कहना है कि मात्र आरोप लगा देने से कोई मामले में दोषी नहीं हो जाता। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है तो पहले इसकी पूरी तरह से जांच करे और जांच में तथ्य सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करे। इसे लेकर शुक्रवार को हुई पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया इस मामले में सीबीआई जांच किए जाने की मांग की है।
बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि जिस वक्त यह वारदात हुई उस समय न तो मोनू मानेसर मौका-ए-वारदात पर मौजूद था और न ही जिन अन्य कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे हैं वह मौजूद थे। ऐसे में उन्हें केवल संदेह के आधार पर नामजद करते हुए कांग्रेस सरकार ने साबित कर दिया है कि पूरी कार्रवाई द्वेष भावना से की जा रही है।
विश्व हिंदू परिषद हरियाणा के अध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर राजस्थान पुलिस ने बिना किसी सबूत के आधार पर मोनू मानेसर व उसके किसी भी सदस्य को गिरफ्तार किया तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। इसमें चक्का जाम करने जैसे फैसले लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मृतक की बहन और नूंह पुलिस की बातें आपस में मेल ही नहीं खाती हैं। मृतक की बहन ने कहा था कि पुलिस ने उसके भाइयों को पकड़कर मोनू व उसके साथियों के हवाले किया था, जबकि पुलिस का कहना है कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं।