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पूर्व विधायक भरत सिंह हत्याकांड: बयान से पलटे चश्मदीद, हमलावरों को पहचानने से किया इंकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:31 AM IST
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फाइल फोटो
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इनेलो के पूर्व विधायक भरत सिंह हत्याकांड के दो अहम चश्मदीद गवाह अपने बयान से कोर्ट में मुकर गए। इनमें से एक दिल्ली पुलिस का सिपाही संदीप है तो दूसरा बीएसएफ का रिटायर्ड हवलदार है। एक समारोह में भरत सिंह के साथ इस गवाह के पैर व छाती में भी गोलियां लगी थी।
29 मार्च 2015 को दिल्ली पुलिस के सिपाही संदीप के बेटे के कुआं पूजन कार्यक्रम में गैंगवार में अंधाधुंध गोलियां बरसाकर भरत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इन गवाहों ने हमलवरों में से कई को पहचानने का बयान पुलिस को दिया था।
द्वारका जिला अदालत के गुरविंदर पाल सिंह के समक्ष बीएसएफ से रिटायर्ड दलजीत सिंह पुलिस को दिए अपने बयान से पलट गया। उसने कोर्ट के समक्ष कहा कि वह भरत सिंह का निजी पीएसओ नहीं था।
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वह भरत सिंह के साथ कार्यक्रम में गया जरूर था लेकिन शाम करीब पौने आठ बजे ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज सुनकर अफरा-तफरी मच गई थी, जिससे उसने आरोपी को पहचान नहीं पाया।
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29 मार्च 2015 को दिल्ली पुलिस के सिपाही संदीप के बेटे के कुआं पूजन कार्यक्रम में गैंगवार में अंधाधुंध गोलियां बरसाकर भरत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इन गवाहों ने हमलवरों में से कई को पहचानने का बयान पुलिस को दिया था।
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द्वारका जिला अदालत के गुरविंदर पाल सिंह के समक्ष बीएसएफ से रिटायर्ड दलजीत सिंह पुलिस को दिए अपने बयान से पलट गया। उसने कोर्ट के समक्ष कहा कि वह भरत सिंह का निजी पीएसओ नहीं था।
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वह भरत सिंह के साथ कार्यक्रम में गया जरूर था लेकिन शाम करीब पौने आठ बजे ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज सुनकर अफरा-तफरी मच गई थी, जिससे उसने आरोपी को पहचान नहीं पाया।
इस दौरान उसकी जांघ में किसी ने पीछे से गोली मार दी थी, जिससे वह गिर गया था। उसकी छाती में भी गोली लगी थी। पुलिस को दिए अपने बयान में दलजीत सिंह ने बताया था कि 10-15 लड़के भागते हुये कार्यक्रम स्थल अभिनंदन वाटिका में आए और भरत सिंह पर नजदीक से अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।
इनमें से एक हमलावर हेमंत था और वह उदबीर उर्फ काला का भतीजा है। भरत सिंह ने उनके परिवार से सतर्क रहने को कहा था। पुलिस को दिए बयान में दलजीत सिंह ने कहा था कि जो लड़का दोनों हाथों से फायरिंग कर रहा था उसे पकड़ लिया था लेकिन अन्य हमलावर ने पीछे से उसकी जांघ पर गोली मार दी थी।
जिसके बाद उसकी पकड़ ढीली पड गई थी, जिससे वह भाग निकला था। अब इस बयान से दलजीत कोर्ट में मुकर गया है। उसने कोर्ट को बताया कि जांच अधिकारी ने उसे सेक्टर-23 द्वारका थाने में बुलाकर 16 दिसंबर 2015 को बयान लिया था।
पहचान परेड में वहां पर रवि उर्फ चूजा को दिखाया था। और उसे पहचानते हुए कहा था कि यह वही लड़का है जिसने उस पर, भरत सिंह व दूसरे लोगों पर गोलियां बरसाई थीं। इस लड़के ने अपने साथियों के साथ मिलकर भरत सिंह व दिल्ली पुलिस के पीएसओ रामजीवन के हथियार लूटे थे।
इनमें से एक हमलावर हेमंत था और वह उदबीर उर्फ काला का भतीजा है। भरत सिंह ने उनके परिवार से सतर्क रहने को कहा था। पुलिस को दिए बयान में दलजीत सिंह ने कहा था कि जो लड़का दोनों हाथों से फायरिंग कर रहा था उसे पकड़ लिया था लेकिन अन्य हमलावर ने पीछे से उसकी जांघ पर गोली मार दी थी।
जिसके बाद उसकी पकड़ ढीली पड गई थी, जिससे वह भाग निकला था। अब इस बयान से दलजीत कोर्ट में मुकर गया है। उसने कोर्ट को बताया कि जांच अधिकारी ने उसे सेक्टर-23 द्वारका थाने में बुलाकर 16 दिसंबर 2015 को बयान लिया था।
पहचान परेड में वहां पर रवि उर्फ चूजा को दिखाया था। और उसे पहचानते हुए कहा था कि यह वही लड़का है जिसने उस पर, भरत सिंह व दूसरे लोगों पर गोलियां बरसाई थीं। इस लड़के ने अपने साथियों के साथ मिलकर भरत सिंह व दिल्ली पुलिस के पीएसओ रामजीवन के हथियार लूटे थे।
पुलिस ने थाना बाबा हरिदास नगर में 17 अक्तूबर 2016 को बुलाकर बयान लिखा था और वहां आरोपी देवेंद्र उर्फ देवा की शिनाख्त करवाई थी। दलजीत ने इसकी पहचान भी फायरिंग करने वालों के तौर पर की थी। कोर्ट में अपने बयान में हेमंत, रवि व देवा को पहचानने से ही इंकार कर दिया।
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस के सिपाही संदीप ने अपने बयान से पलटते हुए कहा उसने कार्यक्रम के दौरान जोरदार आवाज सुनी और सिर में कोई चीज आकर लगी। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गये और जब वह वापस आया तो वहां पर काफी संख्या में पुलिस थी।
वहां पर काफी मात्रा में खून बिखरा हुआ था। उसने कार्यक्रम में गोलियां बरसाने वाले किसी शख्स को नहीं देखा। उसने कार्यक्रम के लिये कोई फोटोग्राफ या वीडियोग्राफर तय नहीं किया था।
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस के सिपाही संदीप ने अपने बयान से पलटते हुए कहा उसने कार्यक्रम के दौरान जोरदार आवाज सुनी और सिर में कोई चीज आकर लगी। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गये और जब वह वापस आया तो वहां पर काफी संख्या में पुलिस थी।
वहां पर काफी मात्रा में खून बिखरा हुआ था। उसने कार्यक्रम में गोलियां बरसाने वाले किसी शख्स को नहीं देखा। उसने कार्यक्रम के लिये कोई फोटोग्राफ या वीडियोग्राफर तय नहीं किया था।