Bharat Bandh: किसानों के साथ खड़ी दिखी दिल्ली, बाजार खुले, बसें चलीं, लेकिन रूट डायवर्ट होने से परेशान रहे लोग
- राजधानी दिल्ली के ज्यादातर बाजार खुले रहे, आजादपुर सब्जी मंडी बंद तो गाजीपुर मंडी में सामान्य हुआ कामकाज
- ट्रैफिक रूट डायवर्ट होने से लोग हुए परेशान, जगह-जगह चुस्त दिखी सुरक्षा व्यवस्था
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत बंद का दिल्ली में मिला-जुला असर रहा। राजधानी के ज्यादातर व्यावसायिक बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे। लक्ष्मी नगर, लाजपत नगर, कनाट प्लेस, करोल बाजार में सामान्य कामकाज हुआ, तो कुछ जगहों पर व्यापारियों ने अपनी दुकानें किसानों के समर्थन में बंद रखीं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रही। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कई जगहों पर रूट डायवर्ट कर दिया था, जिसके कारण लोगों को परेशानी होती रही और लोग रास्ते के लिए जूझते रहे।
किसान आंदोलन में हिंसा फैलाने की किसी आशंका को खत्म करने के लिए पुलिस ने सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर रखे थे और जगह-जगह पर पुलिस बैरीकेडिंग लगाई गई थी और वाहनों से पूछताछ हो रही थी।
एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने अमर उजाला को बताया कि किसानों के समर्थन में आजादपुर मंडी मंगलवार को बंद रही। उन्होंने कहा कि मंडी में किसानों की मेहनत से उपजाई फल-सब्जी ही बिकती है और उसी से लोगों का पेट भरता है। ऐसे में मंडी ने निर्णय लिया कि किसानों के समर्थन में वे आज कामकाज बंद रखेंगे। हालांकि, दिल्ली की दूसरी सबसे बड़ी मंडी गाजीपुर में सामान्य दिनों की तरह कामकाज हुआ। व्यापारियों ने यहां थोक में सामानों की खरीद और बिक्री की।
ट्रैफिक सामान्य रहा
मंगलवार को राजधानी में ट्रैफिक सामान्य रहा। दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली डीटीसी बसों और मेट्रो के सामान्य परिचालन के कारण लोगों को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हुई। डीटीसी बसें सड़कों पर सामान्य रूप से चलीं। आनंद विहार बस अड्डे और यूपी गेट तक एनएच-24 पर ट्रैफिक सामान्य रहा। इसके आगे का रूट किसानों ने बंद कर दिया था, जिसके कारण गाजियाबाद या नोएडा जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राइवेट वाहन भी सड़कों पर सामान्य दिनों की तरह दिखाई पड़े।
हर तरफ सुरक्षा कड़ी
सुरक्षा एजेंसियों ने किसान आंदोलन के दौरान हिंसा की आशंका जताई थी। इसे देखते हुए पुलिस ने हर जगह सुरक्षा कड़ी कर रखी थी। जगह-जगह पर बैरीकेडिंग की गई थी। दिल्ली पुलिस के जवान सड़कों पर मुस्तैद दिखाई पड़े। भारी संख्या में अर्ध-सैनिक बलों के जवानों को भी राजधानी की सुरक्षा में लगाया गया था।
राजनीतिक दलों ने संभाला मोर्चा
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि उनके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। हालांकि, इसके बाद भी आम आदमी ने सड़कों पर मोर्चा संभाला और उसके कार्यकर्ता जगह-जगह पर प्रदर्शन करते रहे। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी ले लिया।
कांग्रेस ने किया जबरदस्त प्रदर्शन
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल सिंह के नेतृत्व में पार्टी ने किसानों की मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। चौधरी अनिल सिंह ने कहा कि आज पूरा देश किसानों के साथ खड़ा है। अगर किसान मजबूत नहीं होगा तो देश की आत्मनिर्भरता खतरे में पड़ जाएगी। केंद्र सरकार के काले कानूनों की वजह से किसान और किसानी दोनों खतरे में पड़ गए हैं। इसलिए कांग्रेस तब तक प्रदर्शन करती रहेगी जब तक कि सरकार अपने कानून वापस नहीं ले लेती।
फोटो- दिल्ली के खुले बाजार, लक्ष्मीनगर में खुली दुकानें, गाजीपुर सब्जी मंडी में खरीदारी करते सब्जी विक्रेता, सब्जी को ठेले से ले जाता व्यापारी, सुरक्षा के इंतजाम, पुलिस से रूट की जानकारी लेते लोग