{"_id":"5bcf4cb6bdec2265a106158e","slug":"bhalswa-landfill-site-has-become-taller-than-qutab-minar","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुतुब मीनार से भी ऊंचा हो गया भलस्वा लैंडफिल साइट पर कूड़े का ढेर, निगम जारी करेगा ग्लोबल टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुतुब मीनार से भी ऊंचा हो गया भलस्वा लैंडफिल साइट पर कूड़े का ढेर, निगम जारी करेगा ग्लोबल टेंडर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 23 Oct 2018 10:00 PM IST
विज्ञापन
भलस्वा लैंडफिल साइट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
70 एकड़ में फैली भलस्वा लैंडफिल साइट पर बढ़ते कूड़े के ढेर की ऊंचाई कुतुब मीनार (73 मीटर) से भी अधिक हो गई। दरअसल, जमीन पर कूड़े के ढेर की ऊंचाई 62 मीटर तक पहुंच चुकी है जबकि जमीन के अंदर भी 12 मीटर के दायरे में भी कूड़े का ढेर है। साइट पर फिलहाल 80 लाख मीट्रिक टन कूड़ा है जबकि रोजाना करीब 2000 मीट्रिक टन कूड़े का निष्पादन किया जाता है।
विज्ञापन
रविवार को भलस्वा लैंडफिल साइट पर लगी आग की घटना पर संज्ञान लेते हुए उत्तरी दिल्ली के मेयर आदेश गुप्ता और कमिश्नर मधुप व्यास ने मंगलवार को साइट का निरीक्षण किया। मेयर ने कहा की भलस्वा लैंडफिल साइट पर स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सभी ऐहतियात बरते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक मीटर कचरे पर, 7-8 इंच मलबा की परत बिछाई जाती है जबकि आग लगने पर पानी का भी छिड़काव किया जाता है। इस कार्य के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने आईएल एंड एफएस को नियमित तौर पर मलबा मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
मेयर ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल साइट के बेहतर प्रबंधन के लिए परामर्शदाता नियुक्त किया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट निगम को सौंप दी गई है। फर्म ने लैंडफिल साइट पर कूड़े के अध्ययन के लिए 28 जगह पर बोरिंग की, जिसमें खुलासा हुआ कि जमीन से 12 मीटर गहराई तक कूड़ा है।
विज्ञापन
मेयर ने बताया कि उत्तरी निगम की ओर से भलस्वा लैंडफिल साइट पर कूड़ा प्रबंधन और विनियमन के लिए 60 कर्मियों को नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा पांच बुलडोजर, दो एस्कवेटर 24 घंटे तैनात रहते हैं। अग्नि विभाग के लिए चार अग्निशमन वाहन भी मुहैया किए गए हैं जबकि अवैध प्रवेश को रोकने के लिए साइट के इर्द गिर्द कांटेदार तार लगाए गए हैं। साइट पर पहुंचने वाले कूड़े को संसाधित करने के लिए भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जारी होगा ग्लोबल टेंडर
मेयर आदेश गुप्ता ने बताया कि परामर्शदाता की ओर से साल के अंत तक विस्तृत रिपोर्ट निगम को सौंपी जाएगी। इसी आधार पर निगम, भलस्वा लैंडफिल साइट पर ढलान स्थिरीकरण, लीचेट उपचार, जैविक खनन (कूड़े का पृथकीकरण) तथा कैपिंग के लिए वैश्विक निविदाएं आमंत्रित करने जा रही है।