बंदरों से सावधान: यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मेट्रो स्टेशनों पर तैनात किए जाएंगे गार्ड, DMRC ने जारी की SOP
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बंदर या दूसरे जानवरों की मौजूदगी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
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बंदरों से मेट्रो यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टेशनों पर चुनिंदा स्टेशनों पर गार्ड तैनात किए जा रहे हैं। पटेल चौक, चांदनी चौक सहित कई मेट्रो स्टेशनों पर बंदरों की अधिक संख्या में मौजूदगी को देखते हुए यात्रियों के बचाव के लिए कर्मी मुस्तैद हैं। पिछले साल जून में मेट्रो की ब्लू लाइन में बंदर के प्रवेश करने के बाद कई स्टेशनों पर लगे पोस्टरों में बचाव के लिए एहतियाती निर्देश दिए गए हैं। घटना के बाद दिल्ली मेट्रो ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी किया है ताकि यात्रियों को सुरक्षित सफर का मौका मिल सके। दोपहर करीब 1.30 बजे पटेल चौक मेट्रो स्टेशन के बाहर बंदरों का झुंड दिखा। आसपास से गुजरने वालों से बंदर खाने का सामान छीनते दिखे। शाम ढलने लगी तो परिसर में यात्रियों के साथ साथ बंदरों की संख्या भी बढ़ने लगी। कई बार तो यात्रियों के साथ ही बंदर चलते हुए दिखे। कुछ देर बाद करीब चार बजे आगे बढ़ते हुए एक बंदर मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों तक पहुंच गया। गार्ड की जैसे ही नजर पड़ी तत्काल उसे हटाया गया ताकि यात्रियों को दिक्कत ना हो। गार्ड की तरफ से यात्रियों को समझाया जाता है कि खाने पीने की चीजें लेकर स्टेशन की तरफ न बढ़ें। खासतौर पर मेट्रो स्टेशन के इर्द गिर्द काफी पेड़ हैं, इसलिए अक्सर उन पर बंदर रहते हैं।
यात्रियों की रक्षा करते गार्ड भी हुए जख्मी
सुरक्षा गार्ड कमलेश कुमार ने बताया कि बंदरों से यात्रियों के बचाव के लिए यहां ड्यूटी लगाई गई है। गार्ड ने बताया कि पिछले सप्ताह लिफ्ट से बाहर निकलते हुए एक यात्री का बचाव करते हुए गार्ड को एक बंदर ने काट लिया। कमलेश ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए उन्हें तैनात किया गया है। कुछ और स्टेशनों पर ऐसे गार्ड तैनात किए गए हैं। ड्यूटी पर मुस्तैद कर्मियों की कोशिश रहती है कि यात्रियों को बंदरों या दूसरे जानवरों के कारण मेट्रो परिसर में किसी तरह की दिक्कत न आए।
बंदरों या दूसरे जानवरों से रखें दूरी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बंदर या दूसरे जानवरों की मौजूदगी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी। इसमें यात्रियों से अपील की गई है कि बंदरों या दूसरे जानवरों को खाने का सामाना न दिखाएं। अगर सामने से फिर भी नहीं हटे तो शांति से चलें। ऐसी स्थिति में बंदर या किसी और जानवर को मारें नहीं। जहां तक संभव हो जानवरों से दूरी बनाए रखें। फिर भी किसी तरह की परेशानी होती है तो स्टेशन कर्मियों या हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें।
बंदर के ना हटने पर मेट्रो कर दी जाएगी खाली
डीएमआरसी के मुताबिक अगर किसी स्टेशन पर बंदर प्रवेश करता है तो तत्काल इसकी सूचना दें। मेट्रो कर्मी कोच में पहुंचकर अगले स्टेशन से बंदर को बाहर निकालने की कोशिश करेंगे। फिर भी अगर बंदर बाहर नहीं निकलता है तो मेट्रो को खाली कराया जाएगा। यात्रियों के लिए दूसरी मेट्रो की सुविधा मुहैया की जाएगी ताकि सफर में सुरक्षा की चिंता न रहे।
ब्लू और येलो लाइन पर कई बार दस्तक देते हैं बंदर
ब्लू लाइन पर मयूर विहार और नोएडा सेक्टर-16 तक जबकि येलो लाइन पर छतरपुर से गुरुग्राम के बीच के कई मेट्रो स्टेशनों पर बंदरों के पहुंचने की आशंका बनी रहती है। आसपास के इलाकों में पेड़ों की अधिक संख्या होने के कारण वहां रहने वाले बंदर अक्सर मेट्रो स्टेशनों की तरफ भी रुख कर लेते हैं। अक्सर खाने की तलाश में बंदर किसी भी परिसर या मेट्रो में प्रवेश करते हैं। ऐसे सभी स्टेशनों की पहचान कर वहां एहतियाती उपाय दिल्ली मेट्रो की तरफ से किए जा रहे हैं।