सावधान...दो दिन में और खराब होगी दिल्ली की 'सेहत', नोएडा-गाजियाबाद में स्थिति बेहद खराब
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दिल्ली की आबोहवा मंगलवार को भी खराब रही। प्रदूषण सूचकांक बेहद खराब से आठ अंक कम था। पर्यावरण विशेषज्ञों की मानें तो लागातार खराब स्तर पर बनी वायु की गुणवत्ता के पीछे खराब मौसम के साथ-सात दिल्ली में वाहन प्रदूषण व निर्माण गतिविधियों की बड़ी भूमिका है। अंदेशा है कि आने वाले दो दिनों में वायु की गुणवत्ता में और गिरावट आएगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से जारी आंकड़ों के मुताबिक मंगलवा को वायु गुणवत्ता सूचकांक 293 पर थी। यह बहुत खराब स्तर से आठ अंक ही नीचे है। हालांकि, शनिवार के 300 अंक के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार हुआ है। इससे पहले शुक्रवार को सूचकांक 154 पर था। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली का तापमान कम होने के साथ वायु की रफ्तार भी कम हो गइ है। इससे मिक्सिंग हाइट में थोड़ी गिरावट आई है।
इसका असर यह रहा कि धरती की सतह के नजदीक प्रदूषण तत्वों की मात्रा में इजाफा हुआ है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) की तरफ जारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को पीएम 10 व 2.5 का स्तर क्रमश: 274 व 119 पर था। सफर का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में वायु की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है। बुधवार को पीएम 10 व 2.5 का स्तर 302 व 131 पर रहेगा। जबकि तीन दिन बाद यह 329 व 143 पहुंच जाएगा।
नोएडा, गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता बेहद खराब
सीपीसीबी की वायु गुणवत्ता सूचकांक में देश के 64 शहरों में से भिवाड़ी का सूचकांक सबसे खराब 331 था। जबकि बागपत का सूचकांक 313 पर रहा। इसके अलावा नोएडा, फरीदाबाद व गाजियाबाद का सूचकांक 311, 307 व 303 पर था। इन सभी शहरों की वायु की गुणवत्ता बेहद खराब रही।
प्रदूषण रोकने में नाकाम साबित हुई दिल्ली सरकार : मनोज तिवारी
प्रदेश भाजपा ने दिल्ली सरकार पर प्रदूषण रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि प्रदूषण रोकने में नाकाम दिल्ली सरकार पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने 50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दिल्ली की जनता प्रदूषण युक्त हवा लेने को मजबूर हैं, दिल्ली सरकार के प्रदूषण कम करने के लिए सभी प्रयास असफल साबित हुए हैं। दिल्ली के लोगों के फेफड़े जहरीले धुंए से भर चुके हैं और मुख्यमंत्री केजरीवाल शराब बिक्री के लाइसेंस कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार कर बांटने में लगे हैं।