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इस वजह से कड़कड़डूमा कोर्ट में हुई गोलीबारी, गैंगवार बनी वजह

Thu, 24 Dec 2015 01:56 AM IST
Updated Thu, 24 Dec 2015 01:56 AM IST
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Because of this firing in Karkardooma court, gang war continues

इरफान उर्फ छेनू पहलवान और अब्दुल नासिर उर्फ खैबर हैयात के बीच चल रही गैंगवार के चलते ही बुधवार को कड़कड़डूमा कोर्ट रूम में गोलीबारी हुई।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों गैंग के बीच लंबे समय विवादित प्रॉपर्टी, सट्टे और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर गैंगवार चल रही है।

हालांकि दोनों जेल में है, लेकिन इनके गुर्गे एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यही वजह है पिछले कुछ वर्षों में दोनों ओर से एक दर्जन से अधिक हत्या हो चुकी हैं।

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दोनों गैंग के बीच चल रही गैंगवार की जड़ काफी पुरानी है

Because of this firing in Karkardooma court, gang war continues

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों गैंग के बीच चल रही गैंगवार की जड़ काफी पुरानी है। वर्ष 2004 में नासिर बिजनौर के रहने वाले आरिफ के साथ मिलकर अवैध हथियारों का काम करता था।


बाद में वह दिल्ली के बदमाशों को हथियार सप्लाई करने लगा। 2010 में नासिर को स्पेशल सेल ने 55 लाख की डकैती में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद नासिर ने बदमाश हाशिम-बाबा से हाथ मिला लिया।

इधर नासिर-हाशिम गैंग की आकिल मामा व छेनू के गैंग से ठन गई। छेनू उत्तर-पूर्वी जिले के बदमाश हाजी अफजाल और कमल का चचेरा भाई था। आकिल मामा व अफजाल एक ही गैंग में थे।

2011 से दोनों गैंग के बीच गैंगवार शुरू हो गई

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2011 से दोनों गैंग के बीच गैंगवार शुरू हो गई। आकिल मामा ने नासिर के करीबी आतिफ की गोली मारकर हत्या कर दी। इधर नासिर ने आकिल की हत्या की योजना बनाई, लेकिन उसे पुलिस ने पकड़ लिया।

बदला लेने के लिए नासिर ने आकिल मामा के करीबी जाफराबाद निवासी मोहम्मद मतीन की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ओर से गैंगवार में हत्याओं का सिलसिला जारी रहा। नासिर के ऊपर एक लाख का इनाम घोषित कर दिया गया।

दो नंवबर 2013 को स्पेशल सेल ने जाफराबाद से नासिर को गिरफ्तार कर लिया। इधर, 13 नवंबर 2013 को नासिर के गुर्गों ने छेनू के करीबी आकिल मामा की गोली मारकर हत्या कर दी।

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नासिर ने छेनू की हत्या की बनाई योजना

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पुलिस ने हाशिम बाबा को भी दबोच लिया। 2014 में छेनू के गुर्गों ने मुस्तफाबाद में नासिर के करीबी आरिफ की गोली मारकर हत्या कर दी।

इसके बाद छेनू ने 2014 में अमरोहा में शाने आलम व शाहनवाज की गोली मारकर हत्या कर दी। मामले में उस पर अमरोहा एसपी की ओर से पांच हजार का इनाम भी घोषित हुआ। जनवरी 2015 में पुलिस ने छेनू को दिल्ली के अमर कालोनी से गिरफ्तार कर लिया।

जेल में पहुंचने के बाद भी छेनू और नासिर के बीच ब्लेडबाजी हुई। इसके बाद दोनों को रोहिणी की हाई रिस्क जेल में अलग-अलग रखा गया। माना जा रहा है कि नासिर ने योजना बनाकर नाबालिग लड़कों से छेनू की हत्या करवाने का प्रयास किया।

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