मैच खिलाने के नाम पर 20 क्रिकेटरों से ले चुके थे एक करोड़, बीसीसीआई ने उठाया मामला तो हुए कई खुलासे
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पूर्वोत्तर राज्यों के क्रिकेट एसोसिएशन के बीसीसीआई में रजिस्ट्रेशन के बाद पैसे का खेल शुरू हुआ था। राज्यों के क्रिकेट एसोसिएशन के कुछ सदस्य उभरते क्रिकेटरों से पैसे लेते थे और उन्हें बीसीसीआई के रणजी, अंडर-16, 19, 20, 23 के कुछ मैच खिला देते थे। इसके बाद खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया जाता था।
दिल्ली पुलिस पूर्वोत्तर राज्यों के क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों से जल्द ही पूछताछ करेगी। इन राज्यों के क्रिकेट एसोसिएशन को पूछताछ के लिए जल्द ही पत्र भेजा जाएगा। उत्तर-पूर्व के सभी राज्यों के क्रिकेट एसोसिएशन जांच के दायरे में हैं। बीसीसीआई के पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तर-पूर्व राज्यों के क्रिकेट एसोसिएशनों का बीसीसीआई से निबंधन वर्ष 2018 में हुआ था। इसके बाद आरोपी कोच व उनके गिरोह के लोगों ने उन राज्यों के क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्यों से मिलकर उभरते युवा क्रिकेटरों से मैच खिलाने के एवज में पैसे लेने शुरू कर दिए थे।
अभी तक नागालैंड क्रिकेट एसोसिएशन का नाम स्पष्ट रूप से सामने आ चुका है। जांच बीसीसीआई से जुड़ी है, इस कारण पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। मामला कितना संवेदनशील है उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी कोच की गिरफ्तारी का पुलिस ने कोई अधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
जितने पैसे देते थे उतने ही मैच खिलाते थे
अपराध शाखा के इस अधिकारी ने बताया कि आरोपी 15 से 20 युवाओं को बीसीसीआई क्रिकेट टूर्नामेंट के कुछ मैच खिला चुके हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि उभरते क्रिकेटरों से पैसे लेने वाले आरोपी कोच व अन्य लोगों का एक गिरोह बना हुआ है।
गिरफ्तार कोच रवि दलाल व हारिस भी एक-दूसरे को काफी पहले से जानते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है अभी दो कोच ही गिरफ्तार हुए हैं। गिरोह के कुछ और लोगों की गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी।
जितने पैसे देते थे उतने ही मैच खिलाते थे
दिल्ली पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि जो क्रिकेट खिलाड़ी आरोपियों को जितना पैसा देता था उसे उतना ही मैच खिलाते थे। कुछ खिलाड़ियों से आरोपियों ने 10 से 15 लाख रुपये तक लिए हैं। आरोपी 15 से 20 युवाओं से करीब एक करोड़ रुपये ले चुके हैं।
खुद बड़ा मैच नहीं खेले फिर कैसे खिला दिया
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी रवि दलाल व हारिस खुद क्रिकेट का कोई बड़ा मैच नहीं खेले और युवाओं को बीसीसीआई के बड़े टूर्नामेंट खिलाने का झांसा देते थे। सवाल यह उठता है कि राज्य क्रिकेट एसोसिएशन में बिना किसी सांठगांठ के ये युवाओं को कैसे क्रिकेट मैच खिला सकते हैं।