BBC Row: JNU कैंपस में वामपंथी संगठनों ने निकाला विरोध मार्च, ABVP के छात्रों पर कार्रवाई न होने से नाराज
कैंपस में बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग से पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा लाइट बंद करने और एबीवीपी के छात्रों के पथराव करने पर अभी तक कोई कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई है।
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जेएनयू के लेफ्ट संगठनों से जुड़े छात्रों ने गुरुवार रात कैंपस में विरोध मार्च निकाला। कैंपस में बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग से पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा लाइट बंद करने और एबीवीपी के छात्रों के पथराव करने पर अभी तक कोई कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई है।
छात्रों ने 'नो टू सेंसरशिप' और 'इंड रिप्रेशन इन जामिया' जैसी तख्तियां लेकर मार्च निकाला। कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने जबरदस्त नारेबाजी की। वहीं इससे पहले जेएनयू कैंपस में मंगलवार रात प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री इंडिया द मोदी क्वेश्चन देखने के दौरान विवाद मामले में वसंतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस को बुधवार को तीन शिकायतें मिलीं। दो शिकायतें एबीवीपी और एक शिकायत आईसा की ओर से दी गई।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एबीवीपी की ओर से दो शिकायतें दी गई थीं। एक शिकायत पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आईसी घोष ने दी है। आईसी घोष ने चार लाइन की शिकायत दी है। एक वामपंथी छात्र की एमएलसी बनी है। एमएलसी में छात्र को अंदरूनी चोटें नहीं लगने बात है। कैंपस में पत्थरबाजी होने की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर पत्थरबाजी होती तो किसी को चोट लगती, लेकिन किसी को चोट नहीं लगी है।