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अरावली की धरती को बंजर कर रही हैं खतरनाक अवैध तेजाब फैक्ट्रियां

Mon, 04 Apr 2016 07:37 AM IST
धर्मेंद कौशिक/अमर उजाला, फरीदाबाद
धर्मेंद कौशिक/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 04 Apr 2016 07:37 AM IST
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barren land because of illegal dangerous acid factories in Aravalli
अवैध एसिड फैक्ट्रियां - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद

अरावली की वादियों में औद्योगिक हस्तक्षेप तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस क्षेत्र में कई तेजाब  की फैक्ट्रियां चल रही हैं, जो अरावली की धरती को बंजर कर रही हैं।  इन फैक्ट्रियों  पर न तो वन विभाग की नजर है और न ही प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में फैक्ट्री संचालक अरावली क्षेत्र में कहीं भी तेजाब के टैंकरों को पलट देते हैं जिसके कारण  गड्ढ़ों और तालाबों में तेजाब भरा रहता है। जिसके कारण वहां आए दिन जानवर तेजाब का शिकार होते रहते हैं।

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पाली और भाकरी के बीच में कई लोगों ने इलेक्ट्रो प्लेटिंग का  काम शुरू किया हुआ है। जिसमें लोग मार्केट से लोहे और अन्य मैटल का सामान लाकर उसे साफ करते हैं। इन सब को साफ करने में तेजाब का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में प्रयोग करने के बाद तेजाब को टैंकरों में भरने के बाद अरावली की जमीन पर ऐसे ही डाल दिया जाता है।
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कई बार पाली गांव के लोगों ने इन संचालकों को चेतावनी दी। जिसके कारण ये लोग तेजाब के टैंकरों को अब सरकारी बोरवेल में डाल देते हैं। जिसके कारण ये तेजाब सीधे प्राकृतिक स्त्रोत में मिल जाता है।  अभी हाल ही में पाली गांव निवासी रोहताश की गाय गड्ढे में भरे तेजाब  को पानी समझकर पी गई और उसकी मौत हो गई।

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कब्जे की जमीन, अवैध बिजली कनेक्शन

barren land because of illegal dangerous acid factories in Aravalli
अरावली की घाटी में फैलाया जा रहा जहर - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद

जिन लोगों ने इलेक्ट्रो प्लेटिंग का काम शुरू किया गया है। इन लोगों ने प्रतिबंधित जमीन पर कब्जा किया हुआ है। ये लोग पिछले 8-10 सालों से ऐसे ही गैर कानूनी रूप से काम करते आ रहे हैं। इन लोगों ने  बिजली के  कनेक्शन भी चोरी के हैं।

अभी हाल ही में सेव अरावली संस्था के सदस्य जितेंद्र भड़ाना ने प्रदूषण  नियंत्रण बोर्ड और वन विभाग के आला अधिकारियों को भी इस संबंध में शिकायत भेजी है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। फैक्ट्रियों की ओर से अगर ऐसे ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब अरावली के आस-पास के गांवों में बीमारियां फैल सकती हैं।

ऐसे में सबसे बड़ा खतरा पाली और भाकरी गांव के लोगों को ही है। जहां ये फैक्ट्रियां चल रही हैं।  तेजाब के कारण स्किन की बीमारियां और कैंसर जैसी घातक बीमारियां फैल सकती हैं। वहीं वन अधिकारी रंजिता कहती हैं कि तेजाब फैक्ट्रियां चलने की कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जल्द ही ऐसे स्थानों का दौरा किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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