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बीमार सास के लिए सुषमा स्वराज से मांगी मदद, मौत के बाद ट्वीट पर भड़की बहू 

Thu, 09 Mar 2017 11:31 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 09 Mar 2017 11:31 AM IST
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Bankok air ambulance crash family lashesh out at External Affairs Minister Sushma Swaraj
air aubulence

मेदांता अस्पताल के हवाई एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पायलट की मौत पर शोक जताते हुए ट्वीट किया तो जवाब में गितिका नामक महिला जो बैंकॉक की रहने वाली हैं रीट्वीट करते  हुए उनपर हमला बोला है। 

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60 वर्षीय बीमार बुजुर्ग महिला शशि अग्रवाल की बहू गितिका ने सुषमा स्वराज के ट्वीट पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, 'वो फरिशते थे जो हमारी मां को हवाई एम्बुलेंस से लेने आ रहे थे, आपने कुछ भी नहीं किया।
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बता दें कि दुर्घटनाग्रस्‍त हवाई एम्बुलेंस शशि अग्रवाल को बैंकॉक से मेदांता अस्पताल लाने के लिए जा रहा था। आग पकड़ने के कारण बैंकॉक से 730 किमी दूर थाईलैंड के नाखन पैथम हवाई अड्डे के पास क्रैश हो गया।
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गितिका ने अपनी सास के बीमार होने के बाद ट्वीट कर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद की मांग की थी जिस पर उन्हें मंत्री जी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला था। जबकि दुर्घटना के बाद पायलट की मौत के बाद सुषमा जी ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया जिस पर गितिका ने नाराज होकर सुषमा जी पर हमला बोल दिया।

बेटे और बहु से मिलने गईं थी शशि

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शशि अग्रवाल और उनके पति राकेश दिसंबर में अपने बेटे रचित और बहू गितिका से मिलने बैंकॉक गए थे। रचित बैंकॉक की एक प्राइवेट कंपनी में सीए हैं। शशि और उनके पति का फरवरी में भारत लौटने का प्लान था। इसी बीच शशि निमोनिया का शिकार हो गईं जिसने बाद में बड़ी बीमारी का रूप ले लिया। 

गितिका,उनके पति और ससुर भारत सरकार से पिछले एक महीने से मदद की गुहार लगा रहे थे। शशि की हालत ऐसी नहीं थी कि उन्हें साधारण हवाई जहाज से भारत लाया जा सके। इसलिए परिजनों ने भारत सरकार से और भारतीय एंबेसी से आर्थिक मदद मांगी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 

शशि को एयर लिफ्ट करने के लिए करीब 35 लाख रुपये का खर्च आ रहा था। जब भारत सरकार और भारतीय एंबेसी से कोई मदद नहीं मिली तब उन्होंने गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल से मदद की गुहार लगाई। 

रिश्तेदारों की मदद मे जमा किये पैसे

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मेदांता ने उन्हें कुल 23 लाख रुपये का खर्च बताया। गितिका ने बताया कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर पैसे इकट्ठा किये थे। गितिका ने दुख जताते ह्ए कहा, 'हमें डाक्टरों, पायलट और नर्सों के लिए बहुत बुरा लग रहा है जो हमारी मां को लेने आ रहे थे, मैं उनसे मिलने अस्पताल भी गई।' 

गितिका ने उम्मीद जताते हुए कहा कि मुझे पता है कि अस्पताल अभी व्यस्त है पर जल्द ही वह हमारी मां को यहां से भारत वापस ले जाएंगे।

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