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Delhi Crime: बैंक लोन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
Fri, 02 Jan 2026 03:31 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 02 Jan 2026 03:31 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बैंक लोन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर उसके तीन सदस्यों अतुल अग्रवाल उर्फ मनीष कुमार (40), अजय चौरसिया (46) और दीपक ढौंडियाल(49) को गिरफ्तार किया है। ये अपराध शाखा के थाने के 6 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में वांछित थे।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि यह मामला बजाज फाइनेंस की ओर से लोकनारायण करोतिया की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुआ। आरोपियों ने जाली सरकारी कर्मचारी आईडी कार्ड और फर्जी आय दस्तावेज जमा करके वेतनभोगी पर्सनल लोन लिया। लोन की ईएमआई डिफॉल्ट होने पर धोखाधड़ी का पता चला। वेरिफिकेशन से पता चला कि आरोपियों ने बताए गए कार्यालयों में कभी काम नहीं किया था। एसीपी राजपाल डबास व इंस्पेक्टर अक्षय की टीम जांच कर रही थी। लगातार प्रयासों के बाद इंस्पेक्टर अक्षय की टीम नेे आरोपियों के ठिकाने का पता लगा लिया और तीनों आरोपी पटना, बिहार निवासी अतुल अग्रवाल उर्फ मनीष कुमार, निहाल विहार, दिल्ली निवासी अजय चौरसिया और देहरादून, उत्तराखंड निवासी दीपक धौंडियाल को गिरफ्तार कर लिया।
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ऐसे करते थे ठगी
आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग लोगों को बहलाते थे। उनके जाली दस्तावेज़ बनाते थे और अलग-अलग बैंकों में उनके खाते खुलवाते थे और अपनी फर्जी कंपनी के खातों से कुछ महीनों तक उनके खातों में सैलरी के तौर पर पैसे जमा करते थे। फिर जैसे ही सैलरी वाले खाते को किसी बैंक से लोन का ऑफर मिलता था, वह लोन के लिए अप्लाई करते थे। जाली दस्तावेजों के आधार पर लोन मंजूर करवाते थे और कुछ महीनों तक लोन की ईएमाआई भी भरते थे। उसके बाद उस व्यक्ति को कुछ पैसे देते थे जिसकी फोटो और जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल लोन लेने के लिए किया गया था और बाकी पैसे आपस में बांट लेते थे।
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