दिल्ली हिंसाः मस्जिद को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी की जमानत याचिका खारिज
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कड़कड़डूमा कोर्ट ने फरवरी में सीएए और एनआरसी के विरोध में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे में गिरफ्तार आरोपी जॉनी कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी। जॉनी पर दंगे के दौरान खजूरी खास इलाके में एक मस्जिद को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने समेत अन्य जगहों पर उपद्रव फैलाने व आगजनी करने का आरोप है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के समक्ष दायर जमानत याचिका में आरोपी ने कहा कि उसकी मां बीमार है और उनके इलाज के लिए उन्हें जमानत दी जाए। इसके साथ ही आरोपी ने याचिका में कहा कि वह खुद हिंसा पीड़ित है।
उसने आरोप लगाया कि इस मामले में उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। आरोपी ने कोर्ट से यह भी कहा था कि आईओ ने कोई टीआईपी नहीं की और किसी सीसीटीवी फुटेज में उसे हिंसा करते या भड़काते हुए नहीं देखा जा सकता है, लिहाजा उसे जमानत दी जाए।
वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने आरोपी जॉनी कुमार की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कांस्टेबल प्रदीप ने आरोपी जॉनी कुमार की पहचान की थी। आरोपी ने कई घरों को आग के हवाले किया था और हिंसा के दौरान काफी उत्पात मचाया था। इस मामले में अभी जांच जारी है।
पुलिस ने कहा कि इस मामले में कई और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाना है। लिहाजा आरोनी जॉनी की जमानत याचिका खारिज की जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
दंगों के आरोपी शरजील को लेने दिल्ली पुलिस असम रवाना
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपी व जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को लेने असम रवाना हो गई है। उस पर यूएपीए के तहत कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि दिल्ली दंगों की साजिश की एफआईआर में भी उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शरजील इमाम को प्रॉडक्शन वारंट पर दिल्ली लाकर कोर्ट से रिमांड पर लेने की कोशिश की जाएगी। दिल्ली दंगों में फंडिंग व साजिश रचने के मामले में पूछताछ की जाएगी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शरजील को 28 फरवरी को बिहार स्थित उसके गांव से गिरफ्तार किया था।
शरजील ने दिल्ली, अलीगढ़ व असम में भड़काऊ भाषण दिए थे। शरजील ने 16 जनवरी को सीएए व एनआरसी के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए थे और असम को देश से अलग करने की बात कही थी। इस समय शरजील असम की जेल में है। शरजील के खिलाफ दिल्ली के अलावा अलीगढ़ व असम में भी मामले दर्ज हैं।