आजम खान के बेटे ने भी दिया विवादित बयान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आए सांसद, विधायक और आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम ने शनिवार को जंगी धरना प्रदर्शन के बैनर तले जंतर-मंतर पर धरना दिया।
आजम के बेटे ने निर्वाचन आयोग पर पक्षपातपूर्ण कार्यवाही करने का आरोप लगाया। सियासत से दूर रहने की बात कहने वाले अब्दुल्ला आजम ने कहा कि उनके वालिद ने कोई गलती नहीं की है।
उन पर किसी सभा में शामिल होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके चलते वे न्याय के लिए भी दिल्ली नहीं आ पाए और रामपुर में हैं। इस दौरान उन्होंने इस चुनाव आयोग की कार्यवाही को अलोकतांत्रिक बताया।
मुसलमानों पर एक और विवादित बयान
इस दौरान राज्यसभा सदस्य चौधरी मुनव्वर सलीम ने कहा कि अगर माफी मांगनी है तो आयोग मांगे। सपा नेता ने कहा कि अगर कोई एक आजम खान की आवाज बंद करेगा तो देश के 25 करोड़ मुसलमान आजम बनकर चीखेंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बात अभी खत्म नहीं की गई तो फिर बहुत आगे तक बढ़ेगी। यही नहीं उन्होंने भाजपा के अमित शाह पर भी कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा कि कहां विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले शिक्षाविद् आजम खान और कहां वे, जिनके गुजरात जाने पर रोक है। उन्होंने कहा कि वे (अमित शाह) माफी मांग सकते हैं, आजम नहीं मांगेंगे।
चुनाव आयोग को 48 घंटे का अल्टीमेटम
निर्वाचन आयोग की ओर से सपा नेता आजम खान पर रैली और जनसभा को संबोधित करने की पाबंदी लगाए जाने के खिलाफ शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया।
उत्तर प्रदेश से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने निर्वाचन आयोग से अगले 48 घंटे में प्रतिबंध हटाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर आयोग ने उनकी बात नहीं मानी तो वे पूरे देश में आंदोलन का एलान करेंगे। धरने के दौरान सपा नेताओं के तेवर तल्ख दिखे।
मोदी से चौड़ी दिखी आजम की छाती
धरने के दौरान आजम खान तो नहीं पहुंचे, लेकिन वार्ड नंबर 28 के विधायक जियाउर्रहमान बाबू अपने साथ एक पोस्टर लाए, जिसमें आजम खान को ब्लैक बेल्टधारी बॉडी बिल्डर के रूप में दिखाया गया। लोगों में इस पोस्टर के साथ फोटो खिंचाने की होड़ लगी रही।
धरने में मौजूदा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क, गोंडा से दद्दन खां, सुल्तानपुर के विधायक अबरार हुसैन, मुरादाबाद के बिलारी से विधायक हाजी खान, हसनपुर के विधायक लिफाकत, यूपी अल्पसंख्यक बोर्ड से शकील, मेरठ से अवनीश वाल्मीकि, एमएस काजमी आदि मौजूद रहे।
इस दौरान लखीमपुर खीरी से आई अल्पसंख्यक महिला कमेटी की बेनजीर ने एक शेर पढ़ा, ‘ऐ कलम इतिहास लिख देना..अगर मौका आए तो गुजरात लिख देना।’ बता दें कि भड़काऊ भाषण देने के आरोप पर निर्वाचन आयोग ने आजम खान के जनसभा व रैलियों को संबोधित करने पर पाबंदी लगा दी थी।