सरकारी कीमत से ज्यादा प्लेटलेट्स फीस लेने पर गिरेगी गाज
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अब लोगों को प्लेटलेट्स के लिए सरकार द्वारा तय दाम ही देने होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने निजी ब्लड बैंकों के लिए एक यूनिट प्लेटलेट्स की कीमत 11,500 रुपये तय कर दी है।
इससे अधिक वसूले जाने पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को निजी ब्लड बैंक और अस्पतालों को आदेश दिए गए और ब्लड बैंक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें भी नए नियम की जानकारी दे दी गई।
30 अगस्त के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘प्लेटलेट्स के नाम पर लूटे जा रहे हैं मरीज’ शीर्षक में बताया था कि किस प्रकार प्लेटलेट्स के नाम पर मरीजों से मनमानी रकम वसूली जा रही है।
‘प्रोसेसिंग फीस’ से लूट रहे मरीज
अब जाकर स्वास्थ्य निदेशालय ने निजी ब्लड बैंकों के लिए दिशा निर्देश जारी किए। बता दें कि रेयर ब्लड ग्रुप वाले मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आम दिनों की तुलना में दोगुने से ज्यादा रकम निजी ब्लड बैंक और अस्पताल ‘प्रोसेसिंग फीस’ के रूप में वसूल रहे हैं। डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। इसके लिए प्लेटलेट्स चढ़ाना अनिवार्य होता है।
निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के बिल में 15 हजार से अधिक केवल प्लेटलेट्स के नाम पर जोड़ा जा रहा है। दुर्लभ ब्लड ग्रुप के मरीजों के साथ सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
दोषी पाए जाने पर लाइसेंस होगा रद्द
इस बाबत कई शिकायत भी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से की गई थी। इसके बाद से यह कदम उठाया गया। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. प्रवीण गर्ग ने बताया कि सभी ब्लड बैंकों को सूचना दे दी गई है।
सिविल सर्जन क्रॉस चेक भी करेंगे। अगर कोई शिकायत आई और ब्लड बैंक दोषी पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
8500 रुपये है सरकारी दाम-
डेंगू मरीजों को निजी अस्पताल के मुकाबले सरकारी ब्लड बैंक से 8500 रुपये में प्लेटलेट्स मिल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक गर्ग ने बताया कि आम मरीजों को देखते हुए इसे शुरू किया गया है।
कोई भी मरीज अपने रक्तदाता को लेकर आए, उसे प्लेटलेट्स निकालकर दिया जाएगा। अगर डोनर नहीं है तो ब्लड बैंक खुद इंतजाम करके देगा। मरीजों को केवल 8500 रुपये किट के देने होंगे।