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Delhi NCR News: मीटर से नहीं, मनमर्जी से दौड़ रहे ऑटो, 1.5 किमी का 100 रुपया किराया
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अधिसूचना में पहले 1.5 किलोमीटर के लिए 30 रुपये और उसके बाद 11 रुपये प्रति किलोमीटर तय
जानकारी के अभाव में यात्रियों की जेब पर पड़ रही मार
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली।
राजधानी में ऑटो का किराया तय करने के लिए भले ही सरकारी दरें निर्धारित हैं, लेकिन पूर्वी दिल्ली की सड़कों पर यात्रियों को इन दरों के हिसाब से सफर नहीं मिल रहा है। यहां कई ऑटो चालक मीटर चालू किए बिना ही मनमर्जी से किराया तय कर रहे हैं। 9 जनवरी 2023 की अधिसूचना के अनुसार, ऑटो का शुरुआती 1.5 किलोमीटर का किराया 30 रुपये और इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 11 रुपये निर्धारित हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर यात्रियों से इन दरों के अनुसार किराया नहीं लिया जा रहा है।पड़ताल में सामने आया कि कई यात्रियों को ऑटो के निर्धारित किराये की जानकारी तक नहीं है। इसका फायदा उठाकर कम दूरी के सफर के लिए भी उनसे 90 से 100 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। जहां बस की सुविधा नहीं है, वहां यात्रियों के पास ऑटो का सहारा लेने के अलावा दूसरा विकल्प भी नहीं बचता। ऐसे में उन्हें मजबूरी में ज्यादा किराया देना पड़ता है।
ज्यादा कमाई के लिए एक ऑटो में बैठा रहे कई सवारी : पड़ताल में सामने आया कि कुछ ऑटो चालक एक ही ऑटो में तीन या उससे अधिक सवारियों को बैठाकर चलते हैं। कम किराये में सफर की उम्मीद रखने वाले यात्रियों को साथ में दूसरी सवारी बैठाने के लिए मना नहीं किया जाता, लेकिन कई बार चालक इस दौरान भी यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ऑटो चालक रोहित रजाक ने कहा कि ओला और उबर जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म आने के बाद लंबी दूरी के लिए यात्री कैब को प्राथमिकता देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि 20 किलोमीटर के सफर के लिए 200 रुपये देने को भी यात्री तैयार नहीं होते, जबकि कई लोग कैब बुक करके चले जाते हैं।
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वहीं, महिला यात्री संगीता ने बताया कि जहां बस नहीं पहुंचती, वहां ऑटो लेना मजबूरी बन जाता है। कई बार महज एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी के लिए भी 90 से 100 रुपये मांगे जाते हैं। किराया देने से मना करने पर चालक दूसरी सवारियों को बैठा लेते हैं। ऐसे में यात्रियों को या तो ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं या फिर दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं।
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जानकारी के अभाव में यात्रियों की जेब पर पड़ रही मार
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली।
राजधानी में ऑटो का किराया तय करने के लिए भले ही सरकारी दरें निर्धारित हैं, लेकिन पूर्वी दिल्ली की सड़कों पर यात्रियों को इन दरों के हिसाब से सफर नहीं मिल रहा है। यहां कई ऑटो चालक मीटर चालू किए बिना ही मनमर्जी से किराया तय कर रहे हैं। 9 जनवरी 2023 की अधिसूचना के अनुसार, ऑटो का शुरुआती 1.5 किलोमीटर का किराया 30 रुपये और इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 11 रुपये निर्धारित हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर यात्रियों से इन दरों के अनुसार किराया नहीं लिया जा रहा है।पड़ताल में सामने आया कि कई यात्रियों को ऑटो के निर्धारित किराये की जानकारी तक नहीं है। इसका फायदा उठाकर कम दूरी के सफर के लिए भी उनसे 90 से 100 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। जहां बस की सुविधा नहीं है, वहां यात्रियों के पास ऑटो का सहारा लेने के अलावा दूसरा विकल्प भी नहीं बचता। ऐसे में उन्हें मजबूरी में ज्यादा किराया देना पड़ता है।
ज्यादा कमाई के लिए एक ऑटो में बैठा रहे कई सवारी : पड़ताल में सामने आया कि कुछ ऑटो चालक एक ही ऑटो में तीन या उससे अधिक सवारियों को बैठाकर चलते हैं। कम किराये में सफर की उम्मीद रखने वाले यात्रियों को साथ में दूसरी सवारी बैठाने के लिए मना नहीं किया जाता, लेकिन कई बार चालक इस दौरान भी यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
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ऑटो चालक रोहित रजाक ने कहा कि ओला और उबर जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म आने के बाद लंबी दूरी के लिए यात्री कैब को प्राथमिकता देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि 20 किलोमीटर के सफर के लिए 200 रुपये देने को भी यात्री तैयार नहीं होते, जबकि कई लोग कैब बुक करके चले जाते हैं।
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वहीं, महिला यात्री संगीता ने बताया कि जहां बस नहीं पहुंचती, वहां ऑटो लेना मजबूरी बन जाता है। कई बार महज एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी के लिए भी 90 से 100 रुपये मांगे जाते हैं। किराया देने से मना करने पर चालक दूसरी सवारियों को बैठा लेते हैं। ऐसे में यात्रियों को या तो ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं या फिर दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं।