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भाकियू 21 को अगस्त ठप करेगी सड़क-रेल मार्ग
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 13 Aug 2014 12:27 PM IST
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गन्ना किसानों के चीनी मिलों पर तीन हजार करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसानों ने मंगलवार को नोएडा कूच किया।
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यहां चीनी मिल मालिकों की कंपनियों पर ताले जड़ दिए गए। सेक्टर-33 के रामलीला मैदान में हुई किसानों की महापंचायत में 21 अगस्त को पूरे प्रदेश में सड़क व रेल मार्ग जाम करने का ऐलान किया है।
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लंबे समय से प्रदेश के गन्ना किसान बकाया रकम के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन चीनी मिल कंपनियां किसानों की मांगों को अनसुना करती रहीं।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत भाकियू की जिला इकाइयों के नेतृत्व में मंगलवार सुबह से ही किसानों ने नोएडा पहुंचना शुरू कर दिया।
दोपहर करीब एक बजे किसानों का पहला जत्था सेक्टर-3 स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल के प्रधान कार्यालय बजाज भवन पहुंचा।
कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सभी दरवाजों पर ताले जड़ दिए गए। इसके बाद सेक्टर-3 स्थित वेव इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रधान कार्यालय और उत्तम शुगर मिल के सेक्टर-63 स्थित कार्यालय पर ताला जड़ दिया।
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त्रिवेणी ग्रुप के नोएडा स्थित कार्यालयों पर बुधवार को ताले लगाए जाएंगे। इस दौरान रामलीला मैदान से लेकर चीनी मिल तक पुलिस का पहरा रहा।
भाकियू की तालाबंदी, एनएच 58 पर जाम से जूझे लोग
भारतीय किसान यूनियन के तालाबंदी अभियान ने एनएच-58 से गुजर रहे यात्रियों के छक्के छुड़ा दिए। भाकियू के काफिले में शामिल दर्जनों गाड़ियों के कारण हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम लग गया।
हाईवे के दोनों ओर दो किलोमीटर तक लगे लंबे जाम ने राहगीरों के भीषण गर्मी के पसीने छुड़ा दिए। भाकियू का काफिला गुजरने के करीब एक घंटे बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि जब तक किसानों को पाई-पाई का भुगतान नहीं हो जाता ताले नहीं खोले जाएंगे।
राकेश टिकैत सुबह करीब 11 बजे दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ मोदी शुगर मिल के गेट पर पहुंचे थे। भाकियू नेता हरेंद्र नेहरा के नेतृत्व में कार्यकर्ता पहले से वहां मौजूद थे।
मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अमरोहा, मेरठ आदि जगहों से आए कार्यकर्ता नारे लगाते हुए मोदी शुगर मिल गेट पर पहुंचे। कुछ लोगों ने राकेश टिकैत को बताया कि यह गेट तो मोदी शुगर मिल का है।
मोदी शुगर बंद करना राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत की घोषणा में शामिल नहीं है। इस पर वह पीछे हट गए। फिर कुछ लोगों ने बताया कि मोदी शुगर मिल के मालिक उमेश मोदी की डिस्टलरी फैक्ट्री का रास्ता भी इसी गेट से है तो मिल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया गया।
सके बाद टिकैत जुलूस के रूप में उमेश मोदी की दूसरी यूनिटों रेवलोन व टीसी हेल्थकेयर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं ने फैक्ट्रियों के गेटों पर ताले ठोंक दिए।
गलतफहमी में जड़ा श्रीराम पिस्टन पर ताला
भाकियू के 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने दोपहर करीब पौने एक बजे मेरठ रोड स्थित श्रीराम पिस्टन कंपनी में भी ताला जड़ दिया। बाद में कंपनी प्रबंधन ने लिखित में एक पत्र दिया जिसमें उन्होंने यह बताया कि कंपनी का किसी भी शुगर मिल से कोई संबंध नहीं है।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने ताला खोल दिया। हालांकि यूनियन ने जिलाध्यक्ष व उपाध्यक्ष समेत चार सदस्यीय टीम बनाई है, जो कंपनी के पत्र की जांच करेगी। यदि दी गई जानकारी गलत पाई गई तो दोबारा से कंपनी के गेट पर ताला लगा दिया जाएगा।
12 अगस्त को की थी घोषणा
दरअसल, भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने घोषणा की थी यदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शुगर मिल मालिकों द्वारा किसानों का भुगतान नहीं किया जाता तो 12 अगस्त को उन मिल मालिकों की सहयोगी यूनिटों पर भाकियू ताले ठोंकेगी।
‘टांग ना तोड़ डालेंगे उसकी’
मोदी शुगर मिल के गेट पर भाकियू के कार्यकर्ता जब ताला ठोंक रहे थे तब किसी पत्रकार ने राकेश टिकैत से पूछा कि ये (मिल प्रबंधन) बाद में ताला तोड़ डालेंगे तो तभी भाकियू के एक बुजुर्ग कार्यकर्ता ने तपाक से जवाब दिया कि ‘उसकी टांग ना तोड़ डालेंगे’ तो हंसते हुए राकेश टिकैत ने कहा-सुन लिया जवाब।