मम्मी-पापा के पासकोड से छात्रा के अपहरण की कोशिश नाकाम
छात्रा की सतर्कता और जागरूक माता-पिता की ट्रेनिंग से अपहरण की कोशिश नाकाम हो कई। ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज वन सोसायटी के बाहर मंगलवार दोपहर एक छात्रा के अपहरण करने का प्रयास किया गया।
आरोपी ने छात्रा को मां के बुलाने की बात कहकर साथ चलने को कहा। इस पर छात्रा ने उससे पासकोड पूछा। पासकोड नहीं बताने पर छात्रा तेजी से भागकर सोसायटी के अंदर चली गई। वहीं बाहर खड़ा मौका पाते ही आरोपी फरार हो गया।
छात्रा के पिता उमेश तिवारी ने बताया कि उनकी 10 साल की बेटी एक निजी स्कूल में पढ़ती है। मंगलवार दोपहर सोसायटी के पास स्कूल की बस ने बेटी को अस्थायी गेट नंबर-2 पर छोड़ा। तभी उसका आई कार्ड गिर गया।
आई कार्ड उठाने के बाद जैसे ही वह आगे बढ़ी वहां मौजूद एक व्यक्ति तेजी से उसके पास पहुंचा और बोला कि ‘तुम्हारी मम्मी बुला रही है, मेरे साथ चलो।’
यह सुनकर उसकी छात्रा ने आरोपी से पासकोड पूछा। आरोपी के पासकोड नहीं बताने पर छात्रा भागकर सोसायटी के गेट के अंदर आ गई। बुधवार को छात्रा के पिता ने घटना की शिकायत बिसरख कोतवाली में की है।
रोज पासकोड तय करता है परिवार
पूरा परिवार सुरक्षा को लेकर खासा जागरूक है। छात्रा मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग हासिल कर रही है। सुरक्षा के लिहाज से वह रोजाना बेटी को एक पासकोड देते हैं। अगर कोई अनजान व्यक्ति परिजनों के नाम पर झूठ बोलकर साथ चलने को बोलता है तो वह पासकोड पूछती है।
पासकोड मैच नहीं होने पर बेटी अनजान शख्स के साथ नहीं जाती। साथ ही तुरंत किसी सुरक्षित जगह पहुंचकर या शोर मचाकर लोगों को सतर्क कर देती है। पासकोड केवल परिजनों को ही पता होता है।
ग्रेनो वेस्ट में गिरोह सक्रिय होने की आशंका
छात्रा के पिता ने बताया कि बेटी के साथ हुई घटना की जानकारी सोसायटी के व्हाट्स एप ग्रुप पर शेयर की। उसके बाद कई लोगों ने उनके बच्चों के साथ भी ऐसी घटना होने की जानकारी दी।
लोगों का कहना है कि ग्रेनो वेस्ट में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं। गिरोह में महिला भी शामिल है। लोगों ने पुलिस से पेट्रोलिंग बढ़ाने और अस्थायी गेटों को बंद कराने की मांग की है। आरोप है कि इन अस्थायी गेट के आसपास सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है।