Atiq Ashraf Murder: फेक माइक और डमी कैमरा लेकर आए थे हमलावर, पत्रकार बन अतीक और अशरफ को उतारा मौत के घाट
अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रात साढ़े 10 बजे अतीक और अशरफ को उस वक्त गोली मारी गई जब वे दोनों मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया गए थे। मीडियाकर्मी बनकर आए तीन हमलावरों ने दनादन गोलियां बरसाईं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्वी यूपी के कुख्यात माफिया अतीक अहमद व भाई अशरफ की शनिवार देर रात पुलिस अभिरक्षा में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस अतीक और अशरफ को प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में मेडिकल के लिए लेकर जा रही थी। इसी दौरान पत्रकार बनकर आए तीन हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर एनसीआर न्यूज का माइक और डमी कैमरा लेकर आए थे।
प्रदेश भर में इस घटना के बाद हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इसके चलते अपने शहर में भी पुलिस व खुफिया टीमें सक्रिय हो गईं और विशेष चौकसी बरती जा रही है। इस घटना के बाद प्रयागराज में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश भर में अलर्ट घोषित किया गया है।
102 आपराधिक मामले दर्ज
अतीक पर हत्या, अपहरण, वसूली, हमला और जमीन कब्जा समेत 102 आपराधिक मामले दर्ज थे। चार दशक पहले महज 17 वर्ष की उम्र में हत्या सरीखी वारदात को अंजाम प्रयागराज में सनसनी मचाने वाले अतीक ने अपराध की दुनिया में कदम रखा तो वह आगे बढ़ता ही गया। एक के बाद एक हत्या, अपहरण, जमीन पर कब्जा, हत्या के प्रयास सरीखी सौ से अधिक वारदात को अंजाम देने वाले अतीक ने क्षेत्रीय दलों की सरकारों को अपनी अंगुलियों पर नचाया।
लेकिन, इसके पीछे जमीने हड़पना और बिल्डरों की कंपनियों में खपाना उसका सबसे बड़ा खेल रहा। योगी सरकार में उसके आर्थिक साम्राज्य पर लगातार चोट पड़ने और 12 सौ करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त किए जाने के बाद भी उसकी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा था।