राजनाथ के घर पहुंचे अटाली दंगा पीड़ित, लेकिन नहीं मिले गृहमंत्री
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बल्लभगढ़ के अटाली गांव के दंगा पीड़ित शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अकबर रोड स्थित आवास पर पहुंचे। दंगा पीड़ितों की कोशिश गृहमंत्री को अपनी फरियाद सुनाने की थी, मगर वह नहीं मिले।
पुलिस ने सभी लोगों को बस में बैठाकर जंतर मंतर पर छोड़ दिया। धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर उठे विवाद पर हुई हिंसा के बाद अटाली गांव से संप्रदाय विशेष के करीब 70 परिवारों ने इलाका छोड़ दिया।
बल्लभगढ़ से चलकर कई लोग शुक्रवार दोपहर को अकबर रोड स्थित गृहमंत्री के आवास पर पहुंचे। दंगा पीड़ित गृहमंत्री से मिलना चाहते थे मगर पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से राजनाथ नहीं मिले।
बस में बिठाकर जंतर-मंतर छोड़ आई पुलिस
दूसरी तरफ हाई प्रोफाइल सुरक्षा जोन में भारी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने से पुलिस हरकत में आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को समझा-बुझाकर बस में बैठाया।
इसके बाद इन्हें जंतर मंतर पर लाकर छोड़ दिया। साथ ही नसीहत भी दी कि जंतर मंतर पर बैठकर वह अपनी आवाज उठा सकते हैं। अटाली से दिल्ली पहुंचे निजाम अहमद ने बताया कि हम अपनी बात गृहमंत्री के सामने रखना चाहते थे।
इस दौरान उन्हें बताया जाता है कि किस तरह से अटाली गांव में उनके साथ नाइंसाफी हुई है। लेकिन पुलिस ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। यहां तक कि हमारी अर्जी भी गृहमंत्री तक नहीं पहुंचाई। हम सभी गांववासी काफी डरे हुए हैं। बगैर सुरक्षा को ठोस आश्वासन मिले जंतर मंतर से नहीं हटेंगे।