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Delhi NCR News: यमुना तट पर प्रकृति की गोद में असिता पलााश महोत्सव का आगाज
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यमुना किनारे नया साइकिल ट्रैक खुला, एलजी वीके सक्सेना ने किया उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना के पूर्वी तट पर प्रकृति की गोद में असिता पलाश महोत्सव शनिवार से शुरू हो गया है। उद्घाटन उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने किया। इस मौके पर यमुना किनारे बना नया साइकिल ट्रैक भी खोला गया, जिसे पर्यावरण के अनुकूल तैयार किया गया है। डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
महोत्सव का ये अंतिम और सबसे बड़ा चरण है। इसमें 21 से 23 फरवरी तक फूलों, बाग और उपवन का उत्सव चल रहा है। इससे पहले 14 से 16 फरवरी तक बांसेरा (बिरसा मुंडा चौक), अशोका गार्डन (अशोक विहार), लाला हरदयाल पार्क (जसोला) और स्मृति वन (नरेला) में कार्यक्रम ऐसे ही उत्सव हुए थे, जिनमें लोगों की अच्छी भागीदारी रही। उपराज्यपाल ने कहा कि असिता का जो इलाका पहले उपेक्षित था, वह आज एक खूबसूरत हरित स्थल में बदल चुका है। इसमें बड़े पैमाने पर मौसमी फूल लगे हैं। इससे शहर के बीच सौंदर्य दिख रहा है। यहां आकर लोगों का प्रकृति से जुड़ाव बढ़ेगा।
ट्यूलिप बने महोत्सव की खास पहचान
पहले ट्यूलिप लुटियंस क्षेत्र तक सीमित थे, लेकिन अब इन्हें शहर के अलग-अलग सार्वजनिक पार्कों में लगाया गया है। डीडीए ने इस साल दिल्ली में करीब दो लाख ट्यूलिप लगाए हैं। इनमें शिवाजी मार्ग स्थित डीडीए ग्रीन, अशोक विहार फेज-4, पीतमपुरा, रोहिणी सेक्टर-10 और 11, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, जनकपुरी, शालीमार बाग और नरेला के स्मृति वन जैसे स्थान शामिल हैं। ट्यूलिप के पौधे डीडीए की विभिन्न नर्सरियों और कुछ पार्कों में बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं।
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फूलों की खूबसूरती और कलाकारी दोनों
सस्ते टिकट लेकर महोत्सव में फूलों की प्रदर्शनी, थीम आधारित सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फूड स्टॉल और कई आकर्षक गतिविधियों को देखा जा सकता है। यहां फ्लोरल ज्वेलरी मेकिंग, रंगोली, फैशन वॉक, पेंटिंग और फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं, पॉटरी वर्कशॉप और परिवारों के लिए मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना के पूर्वी तट पर प्रकृति की गोद में असिता पलाश महोत्सव शनिवार से शुरू हो गया है। उद्घाटन उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने किया। इस मौके पर यमुना किनारे बना नया साइकिल ट्रैक भी खोला गया, जिसे पर्यावरण के अनुकूल तैयार किया गया है। डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
महोत्सव का ये अंतिम और सबसे बड़ा चरण है। इसमें 21 से 23 फरवरी तक फूलों, बाग और उपवन का उत्सव चल रहा है। इससे पहले 14 से 16 फरवरी तक बांसेरा (बिरसा मुंडा चौक), अशोका गार्डन (अशोक विहार), लाला हरदयाल पार्क (जसोला) और स्मृति वन (नरेला) में कार्यक्रम ऐसे ही उत्सव हुए थे, जिनमें लोगों की अच्छी भागीदारी रही। उपराज्यपाल ने कहा कि असिता का जो इलाका पहले उपेक्षित था, वह आज एक खूबसूरत हरित स्थल में बदल चुका है। इसमें बड़े पैमाने पर मौसमी फूल लगे हैं। इससे शहर के बीच सौंदर्य दिख रहा है। यहां आकर लोगों का प्रकृति से जुड़ाव बढ़ेगा।
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ट्यूलिप बने महोत्सव की खास पहचान
पहले ट्यूलिप लुटियंस क्षेत्र तक सीमित थे, लेकिन अब इन्हें शहर के अलग-अलग सार्वजनिक पार्कों में लगाया गया है। डीडीए ने इस साल दिल्ली में करीब दो लाख ट्यूलिप लगाए हैं। इनमें शिवाजी मार्ग स्थित डीडीए ग्रीन, अशोक विहार फेज-4, पीतमपुरा, रोहिणी सेक्टर-10 और 11, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, जनकपुरी, शालीमार बाग और नरेला के स्मृति वन जैसे स्थान शामिल हैं। ट्यूलिप के पौधे डीडीए की विभिन्न नर्सरियों और कुछ पार्कों में बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं।
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फूलों की खूबसूरती और कलाकारी दोनों
सस्ते टिकट लेकर महोत्सव में फूलों की प्रदर्शनी, थीम आधारित सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फूड स्टॉल और कई आकर्षक गतिविधियों को देखा जा सकता है। यहां फ्लोरल ज्वेलरी मेकिंग, रंगोली, फैशन वॉक, पेंटिंग और फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं, पॉटरी वर्कशॉप और परिवारों के लिए मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।