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Delhi NCR News: सफदरजंग में एशिया-प्रशांत की पहली रोबोटिक कार्डियक वर्कशॉप
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- सीटीवीएस टीम ने रोबोट की मदद से दो लाइव कार्डियक सर्जरी का प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल ने एशिया-प्रशांत की पहली रोबोटिक कार्डियक सर्जरी वर्कशॉप आयोजित की। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 17 और 18 सितंबर को सफदरजंग अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने आयोजित किया। वर्कशॉप का नेतृत्व सीटीवीएस विभाग के निदेशक और प्रमुख प्रोफेसर अनुभव गुप्ता ने किया।
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की सीटीवीएस टीम ने रोबोट की मदद से दो लाइव कार्डियक सर्जरी का प्रदर्शन किया। इसमें कम चीरा लगाकर की जाने वाली मिनिमल-एक्सेस सर्जरी की तकनीक दिखाई गई। कार्डियक सर्जनों के लिए सात घंटे से अधिक का व्यावहारिक सिमुलेशन प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। वर्कशॉप में रोबोटिक इंट्राकार्डियक सर्जरी से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई।
देशभर से आए वरिष्ठ कार्डियक सर्जनों ने इसमें हिस्सा लिया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवैस्कुलर-थोरेसिक सर्जन्स के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज दुरईराज और कार्यकारी सदस्य डॉ. विनिता नायर सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।
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आधुनिक सर्जरी को बढ़ावा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य डॉक्टरों की प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव बढ़ाना है। इसका लक्ष्य सरकारी अस्पतालों में आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी है। यह मरीजों की देखभाल बेहतर करने पर केंद्रित है। साथ ही, मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल ने एशिया-प्रशांत की पहली रोबोटिक कार्डियक सर्जरी वर्कशॉप आयोजित की। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 17 और 18 सितंबर को सफदरजंग अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने आयोजित किया। वर्कशॉप का नेतृत्व सीटीवीएस विभाग के निदेशक और प्रमुख प्रोफेसर अनुभव गुप्ता ने किया।
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की सीटीवीएस टीम ने रोबोट की मदद से दो लाइव कार्डियक सर्जरी का प्रदर्शन किया। इसमें कम चीरा लगाकर की जाने वाली मिनिमल-एक्सेस सर्जरी की तकनीक दिखाई गई। कार्डियक सर्जनों के लिए सात घंटे से अधिक का व्यावहारिक सिमुलेशन प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। वर्कशॉप में रोबोटिक इंट्राकार्डियक सर्जरी से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई।
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देशभर से आए वरिष्ठ कार्डियक सर्जनों ने इसमें हिस्सा लिया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवैस्कुलर-थोरेसिक सर्जन्स के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज दुरईराज और कार्यकारी सदस्य डॉ. विनिता नायर सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।
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आधुनिक सर्जरी को बढ़ावा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य डॉक्टरों की प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव बढ़ाना है। इसका लक्ष्य सरकारी अस्पतालों में आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी है। यह मरीजों की देखभाल बेहतर करने पर केंद्रित है। साथ ही, मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।