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बच्चों के लिए फिर से लिखा जाएगा आर्यों का इतिहास

Wed, 22 Oct 2014 05:10 PM IST
Updated Wed, 22 Oct 2014 05:10 PM IST
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Aryan history will be re write by delhi university.

दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग ने हाल ही में घोषणा की है कि भारतीय इतिहास का नए सिरे से अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को देगी।

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विभाग का मानना है कि अब तक भारतीय इतिहास को केवल मार्क्सवादी और पश्चिमी जगत की निगाह से ही देखा और समझा गया है। इस अध्ययन में आर्यों को विदेशी बताया गया है। जबकि सच्चाई है कि आर्य यहां के मूलनिवासी थे।
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विभाग का मानना है कि फिलहाल देश के सभी राज्यों के स्कूल बोर्ड और सीबीएसई की किताबों में भी इतिहास की व्याख्या पश्चिमी नजरिए से ही की गई है। हालांकि इतिहास का दूसरा पहलू भी जो इसकी मार्क्सवादी व्याख्या करता है।
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इस व्याख्या का सबसे बड़ा दोष है कि इसमें आर्य संस्कृति और वैदिक युग के बारे में निष्पक्ष तस्वीर पेश नहीं हो पाती। इस दोष को दूर करने का जिम्मा डीयू के संस्कृत विभाग ने उठाया है जिसमें वह इतिहास की व्याख्या भारतीय नजरिए से करने की कोशिश करेंगे।

इनका मत है कि इतिहास के बारे में केवल मार्क्सवादी और पश्चिमी व्याख्या को ही महत्व क्यों दिया जाए। संस्कृत विभाग के अध्यक्ष रमेश भारद्वाज का कहना है कि इतिहास का यह अध्ययन पूरी तरह से तथ्यों और पिछले 100 वर्ष की जानकारियों पर आधारित होगा।

सालभर में पेश की जाएगी रिपोर्ट

Aryan history will be re write by delhi university.

हालांकि उनका कहना है कि इस प्रयास को राजनीतिक ढंग दिया जाना स्वाभाविक है ‌लेकिन, वह इसे एक अकादमिक पहल भर मानते हैं।

रमेश भारद्वाज का कहना है कि हमारा रिसर्च पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित होगा। उन्होंने इसमें जोड़ा कि वह बौद्घ या मुगल कालीन इतिहास पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि इस पक्ष पर उनकी जानकारी पुख्ता नहीं है। आर्यों और वैदिक काल के बारे में हमारी जानकारी पुख्ता है यही कारण है कि हम केवल इसी पक्ष पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

यह अध्ययन रिसर्च स्कॉलर्स और रिटायर्ड प्रोफेसरों के सहयोग से किया जाएगा और एक साल के भीतर इसकी रिपोर्ट पेश की जाएगी।

हालांकि रमेश ने साफ कहा कि फिलहाल मानव संसाधन विकास मंत्रालय के किसी भी अधिकारी के संपर्क में नहीं हैं। तथ्यों और जानकारी के पूरा होने के बाद ही वह विभाग से संपर्क करेंगे।

साभार: mailtoday.in

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