Delhi Election: अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखी चिट्ठी, वोटरों के नाम हटाने को बताया साजिश
दिल्ली से वोटरों के नाम हटाने के मामले पर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को चिट्ठी लिखी है।
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दिल्ली में वोटरों के नाम कटने पर सियासत जारी है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने शिकायत करते हुए कहा कि दिल्ली में वोटर्स के नाम एक षड्यंत्र के तहत हटाए गए हैं। अपने पत्र में केजरीवाल ने आप के प्रतिनिधिमंडल को दिए गए आश्वासन का जिक्र भी किया है।
केजरीवाल ने पत्र में लिखी ये बातें
चुनाव आयोग को लिखे पत्र में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की गरिमा को बनाए रखने और दिल्ली के हर मतदाता के वोट के अधिकार की रक्षा करने की आपकी प्रतिबद्धता से हम सभी आश्वस्त हैं। पत्र में लिखा कि आगामी महीनों में दिल्ली विधानसभा चुनाव तक दिल्ली के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम नहीं काटे जाएंगे। आगे कहा कि किसी व्यक्ति या बीएलए द्वारा चुनाव आयोग को दी गई सूचियों के आधार पर मतदाताओं के नाम नहीं काटे जा सकते। नाम तभी काटे जा सकते हैं जब फॉर्म सात दाखिल किया गया हो। इस मामले की जांच होनी चाहिए। आगे कहा कि यदि किसी मतदाता के नाम हटाने का कोई मजबूत मामला हो, तो बीएलओ द्वारा क्षेत्र जांच या सत्यापन उचित सूचना के साथ और सभी राजनीतिक दलों के बीएलए की उपस्थिति में किया जाए।
इससे पहले बुधवार को आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आप नेताओं का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा था। इस दौरान आयोग के अधिकारियों को अपने आरोपों के हक में 3000 पेजों के दस्तावेज सौंपे गए। प्रतिनिधिमंडल में सीएम आतिशी, संजय सिंह, पंकज गुप्ता, जस्मीन शाह और रीना गुप्ता आदि मौजूद थे।
वोटरों के नाम हटाने के पीछे भाजपा
चुनाव आयोग से बाहर निकलने के बाद मीडिया के समक्ष केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली में लोगों के वोट कटवाकर एक नागरिक के रूप में मिले उनके अधिकारों को छीन रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई विधानसभा क्षेत्रों में हजारों मतदाताओं के नाम काटने के लिए आवेदन किए हैं। इनमें ज्यादातर गरीब, अनुसूचित जाति, पूर्वांचली हैं, जो झुग्गियों और कच्ची कॉलोनियों में रहते हैं। चुनाव आयोग ने आप की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वोट काटने की कार्रवाई बंद हो
केजरीवाल के मुताबिक, उन्होंने चुनाव आयोग के सामने रखा कि कैसे शाहदरा में भाजपा के एक पदाधिकारी ने चोरी-छिपे 11008 लोगों के नाम कटवाने के लिए आयोग को लिस्ट दी। जनकपुरी में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने 4874 वोट काटने के लिए आवेदन किए हैं। इसी तरह अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का भी हाल है। हमारी मांग थी कि बड़े स्तर पर वोट काटने की कार्रवाई बंद की जाए। अभी चुनाव आयोग ने समरी रिवीजन की है। जिन-जिन लोगों ने इस किस्म के आवेदन किए हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
चुनाव आयोग का आया जवाब
चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव से पहले किसी का नाम वोटर लिस्ट से नहीं निकाला जाएगा। इस बीच जरूरी होने पर अगर ऐसा करना पड़े तो लिस्ट के आधार पर नहीं किया जाएगा, किसी को भी अगर डिलीशन कराना है तो उसे फॉर्म 7 भरना पड़ेगा, उसी के आधार पर डिलीशन होगा। अगर चुनाव आयोग तय करता है कि कोई डिलीशन होना है, तो उस पर पहले फील्ड इनक्वायरी होगी। फील्ड इनक्वायरी में बीएलओ अपने साथ बाकी पार्टियों के पदाधिकारियोें, प्रतिनिधियों को भी लेकर जाएंगे।