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एमसीडी के विलय पर बोले केजरीवाल: बिल आने पर इसे पढ़ेंगे, जरूरत पड़ी तो कोर्ट में देंगे चुनौती
Sat, 26 Mar 2022 03:14 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 26 Mar 2022 03:14 PM IST
सार
केजरीवाल का कहना है कि इस बिल को लाने के पीछे केंद्र सरकार का मकसद नगर निगम को खुद चलाने का है।
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अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बजट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए अरविंद केजरीवाल से एक पत्रकार ने दिल्ली के तीनों निगमों के विलय के लिए लाए गए विधेयक पर प्रश्न किया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे बिल को लाने के पीछे सिर्फ दो वजहें हैं।
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केजरीवाल ने कहा, पहली बात तो ये कि एमसीडी का जो बिल है वो पूरी तरह चुनाव स्थगित करने के लिए लाया गया है। इन्होंने 272 वार्डों की संख्या घटाकर 250 कर दिया है। अब ये बताइए कि इसके पीछे क्या लॉजिक है, उससे क्या होगा। इससे बस यही होगा कि परीसीमन की प्रक्रिया होगी जिसमें साल-दो साल लग जाएंगे। इससे सिर्फ इतना ही होगा कि दो-तीन साल के लिए चुनाव टल जाएंगे।
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केजरीवाल ने कहा कि इसका दूसरा जो बड़ा कारण है वो ये कि, पूरा का पूरा एमसीडी केंद्र सरकार चलाएगी जो संविधान के खिलाफ है। एक बार बिल आ जाए तो हम इसे स्टडी करेंगे जरूरत पड़ी तो कोर्ट में चैलेंज करेंगे।
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