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लोकपाल के हिमायती केजरीवाल के शासन में लोकायुक्त पर सवाल

Wed, 23 Jan 2019 01:38 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Wed, 23 Jan 2019 01:38 AM IST
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Arvind Kejriwal Infavour of Lokpal but now in his goverment Question on Lokayukta
arvind kejriwal - फोटो : ट्विटर

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने लोकायुक्त की तरफ से दिल्ली के विधायकों को भेजे गए नोटिस पर सवाल उठाया है। लोकायुक्त को लिखित जवाब भेजने के साथ रामनिवास गोयल ने इसको भाजपा नेताओं की साख बचाने की कोशिश करार दिया है। इस मसले को विधानसभा की अवमानना से जोड़ते हुए रामनिवास गोयल ने कहा कि वह कानूनी सलाह ले रहे हैं। अगर अवमानना हुई है तो वह शिकायतकर्ता के साथ लोकायुक्त को नोटिस जारी करेंगे।

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रामनिवास गोयल ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि 11 जनवरी को लोकायुक्त ने विधानसभा सचिव को कवरिंग लेटर के साथ एक पत्र भेजा था। इसमें विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष समेत सभी विधायकों को नोटिस भेजने की बात कही गई। हैरानी की बात यह है कि दिल्ली लोकायुक्त अधिनियम के अधीन दोनों पद आते ही नहीं। इसके अलावा जिस याचिका के आधार पर नोटिस भेजा गया, उसमें याची के दस्तखत तक नहीं हैं। इससे साफ होता है कि लोकायुक्त कार्यालय नोटिस जारी करने की जल्दबाजी में था, उसने याचिका की शुरुआती जांच तक नहीं की।
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उधर, अपने पत्र में विधानसभा अध्यक्ष ने लिखा है कि विवेक गर्ग बनाम अरविंद केजरीवाल और अन्य के मामले में लोकायुक्त ने नोटिस जारी कर विधायकों से उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगा है। विधायक इस पर चिंता जाहिर करते हुए जानना चाहते हैं कि क्या उन्होंने अनजाने में कोई कानून तोड़ा है, जिससे उनको नोटिस मिला है। यह बेहद गंभीर हालात हैं, जिसमें लोकायुक्त के कार्यालय ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाते हुए नोटिस जारी किया है।
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रामनिवास गोयल के अनुसार, याचिका डालने वाले विवेक गर्ग ने सिर्फ एक पार्टी के विधायकों का ही नाम लिया है। लोकायुक्त को पूछना चाहिए था कि बाकी चार विधायकों के नाम क्यों छोड़ दिए। ये कानून की दृष्टि से गलत है। उन्होंने लोकायुक्त से अपील की है कि उनके पास गलत शिकायत देने के खिलाफ याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाने के साथ उसे 3 साल कैद की सजा दी जानी चाहिए। साथ ही उनका कहना है कि वह विशेषज्ञों से कानूनी सलाह ले रहे हैं कि कहीं इस मामले में विधानसभा की अवमानना तो नहीं हुई है। ऐसा होने पर वह अवमानना का नोटिस जारी करेंगे।  

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