'20 करोड़ में आप MLA को खरीदना चाहती है BJP'
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आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल के रिकॉर्डेड वॉयस संदेश ने मंगलवार शाम दिल्ली की सियासत में हलचल पैदा कर दी है।
अपने संदेश में केजरीवाल ने प्रदेश भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश का आरोप लगाया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में चुप्पी तोड़ने की भी बात की है।
केजरीवाल ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स के साथ मोबाइल पर भी यह संदेश जारी किया है।
'अब और बर्दाश्त नहीं करेगी दिल्ली'
केजरीवाल के मुताबिक, भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। इसके लिए भाजपा ने कई विधायकों को बीस-बीस करोड़ रुपये की पेशकश की है।
लोकतंत्र के लिए यह बेहद खतरनाक है। यह पूरी तरह गलत है। अगर भाजपा करोड़ों खर्च करके सरकार बनाती है तो दिल्ली में भ्रष्टाचार बढ़ने के साथ बिजली के दरें व महंगाई भी बढ़ेगी।
केजरीवाल का सवाल है कि खरीद-फरोख्त से बनाई गई सरकार महिलाओं की सुरक्षा कैसे करेगी? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में चुप क्यों है? केजरीवाल का कहना है कि मामला बेहद संगीन है। दिल्लीवासी अब इसे सहन नहीं करेंगे।
जादुई आंकड़े से दूर है भाजपा
आप आरोप लगाया है कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए भाजपा किसी भी कीमत पर विधायकों को अपनी ओर मिलाने में जुटी है।
पार्टी का निशाना इस बार भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के उस बयान को लेकर है, जिसमें उन्होंने सरकार बनाने के लिए अपने विधायकों व सांसदों से सलाह लेने की बात कही है।
पार्टी का कहना है कि बगैर ‘आप’ या कांग्रेस विधायकों के समर्थन के भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने के जादुई आंकड़े को नहीं छू सकती।
ये है विधानसभा का गणित
दिल्ली में 27 विधायक ‘आप’ के और भाजपा के 28 हैं। आठ विधायक कांग्रेस से हैं। इसके अलावा निर्दलीय दो, जदयू और शिरोमणि अकाली दल से एक-एक विधायक हैं।
अकाली दल भाजपा के साथ है जबकि तीन सीटें खाली हैं। इस तरह 67 सदस्यीय विधान सभा में सरकार बनाने के लिए 34 सदस्यों की जरूरत है।
अगर दोनों निर्दलीय और जदयू के विधायक भाजपा के साथ चले जाएं तो भी आंकड़ा 32 से ऊपर नहीं जा रहा है।