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केजरीवाल अब नहीं करेंगे मोदी की बुराई, चुनाव में मिली हार के बाद AAP ने लिया सबक
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 15 Apr 2017 06:16 PM IST
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kejriwal
आम आदमी पार्टी ने पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव में बेहद खराब प्रदर्शन के बाद अपनी चुनावी रणनीति पर बदलाव किया है। इसके पहले अपने चुनाव प्रचार में आप और अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी पर निशाना साधते देखे गए हैं, लेकिन अब पार्टी मोदी पर हमला करने के बजाय सकारात्मक कैंपेन पर काम करेगी।
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों और दिल्ली के राजौरी गार्डन उपचुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद आप ने अपने काम-काज की समीक्षा के बाद ऐसा फैसला लिया है। आगामी एमसीडी चुनाव में पार्टी लोगों के बीच अपनी सुधरी हुई छवि ले जाना चाहती है।
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप ने मोदी पर सीधे हमला करने की रणनीति अपनाई थी। केजरीवाल ने इस दौरान वाराणसी से मोदी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। अब एमसीडी चुनाव में पार्टी अपनी छवि बदलना चाहती है। हाल की कई रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी को निशाना नहीं बनाकर आप ने इसके संकेत भी दिए हैं।
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पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आप अब फिर से 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए सकारात्मक प्रचार की तरफ लौटेगी। सूत्र की मानें, तो आप वही रणनीति अपना रही है, जो उसने 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनाया था। तब पार्टी अपने 49 दिनों के अंदर किए गए कार्यों को लेकर जनता के बीच गई थी। इसके बाद हुए चुनाव में आप को दिल्ली की कुल 70 सीटों में से 67 सीटों पर जीत मिली थी।
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पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों और दिल्ली के राजौरी गार्डन उपचुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद आप ने अपने काम-काज की समीक्षा के बाद ऐसा फैसला लिया है। आगामी एमसीडी चुनाव में पार्टी लोगों के बीच अपनी सुधरी हुई छवि ले जाना चाहती है।
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बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप ने मोदी पर सीधे हमला करने की रणनीति अपनाई थी। केजरीवाल ने इस दौरान वाराणसी से मोदी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। अब एमसीडी चुनाव में पार्टी अपनी छवि बदलना चाहती है। हाल की कई रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी को निशाना नहीं बनाकर आप ने इसके संकेत भी दिए हैं।
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पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आप अब फिर से 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए सकारात्मक प्रचार की तरफ लौटेगी। सूत्र की मानें, तो आप वही रणनीति अपना रही है, जो उसने 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनाया था। तब पार्टी अपने 49 दिनों के अंदर किए गए कार्यों को लेकर जनता के बीच गई थी। इसके बाद हुए चुनाव में आप को दिल्ली की कुल 70 सीटों में से 67 सीटों पर जीत मिली थी।
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2015 में काम आई थी पार्टी की रणनीति
Arvind Kejriwal
साल 2015 के दौरान आम आदमी पार्टी अपने 49 दिनों के कार्यकाल के दौरान किए गए काम-काज को लेकर जनता के बीच गई थी और उसकी यह रणनीति कामयाब भी रही थी। पार्टी को इसके बाद हुए चुनाव में दिल्ली की 70 सीटों में से 67 सीटों पर ऐतिहासिक जीत मिली थी।
पार्टी सूत्र की मानें, तो एमसीडी चुनाव में मोदी को निशाना बनाए जाने की पार्टी की रणनीति काफी खतरनाक साबित हो सकती है। बता दें कि पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव में आप ने बेहद खराब प्रदर्शन किया था। उसे 117 सीटों में से सिर्फ 20 सीटें ही मिली, वहीं गोवा में पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई।
पार्टी सूत्र की मानें, तो एमसीडी चुनाव में मोदी को निशाना बनाए जाने की पार्टी की रणनीति काफी खतरनाक साबित हो सकती है। बता दें कि पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव में आप ने बेहद खराब प्रदर्शन किया था। उसे 117 सीटों में से सिर्फ 20 सीटें ही मिली, वहीं गोवा में पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई।