श्रीश्री रविशंकर ने कहा, एनजीटी को नहीं देंगे पांच करोड़ का जुर्माना
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श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के 35 साल पूरे होने के अवसर पर दिल्ली के यमुना तट पर आयोजित विश्व सांस्कृतिक महोत्सव पर एनजीटी ने भले की पांच करोड़ का जुर्माना लगाया है लेकिन, श्रीश्री का कहना है कि वो जुर्माना नहीं भरेंगे।
श्रीश्री का कहना है कि अगर किसी तरह की आपत्ति थी तो पहले बताना चाहिए था। हम कार्यक्रम करते ही नहीं। उनका कहना है कि एनजीटी के इस आदेश को वो न्यायालय में चुनौती देंगे।
उधर दिल्ली पुलिस ने आर्ट ऑफ लिविंग के विश्व सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए हैं। पूरे कार्यक्रम में 250 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कार्यक्रम में जाने वाले व्यक्ति की गहन तलाशी ली जाएगी। कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए मोर्चे व मचान भी बनाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सवा सौ एकड़ में पूरा कार्यक्रम होने जा रहा है। कार्यक्रम स्थल एक गांव की तरह लग रहा है। मंच ही करीब सात एकड़ में तैयार किया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पूरे कार्यक्रम स्थल को 13 जोन में बांटा गया है। एक जोन का इंचार्ज डीसीपी स्तर के अधिकारी को बनाया गया है। पूरे कार्यक्रम में करीब 50 से ज्यादा एसीपी तैनात किए जाएंगे।
100 से ज्यादा इंस्पेक्टर को तैनात किया गया है
100 से ज्यादा इंस्पेक्टर को तैनात किया गया है। कार्यक्रम की पूरी सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के साढ़े पांच हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स की सात कंपनियां तैनात की गई हैं।
एसपीजी और एनएसजी भी सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं। एनएसजी ने मंच की सुरक्षा को संभाला हुआ है। कार्यक्रम स्थल में ही एक अस्थायी पुलिस चौकी बनाई गई है। सब-इंस्पेक्टर को इस चौकी का प्रभारी बनाया गया है।
महोत्सव की सुरक्षा में 100 से ज्यादा बम खोजी कुत्ते को लगाया गया है। 20 मोर्चे व 21 मचान बनाए गए हैं। इन मोर्चे व मचान पर पूरी तरह से प्रशिक्षित कमांडो को तैनात किया जाएगा। हालांकि ड्रोन के इस्तेमाल पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
श्री-श्री रविशंकर संस्था ने निजी वाहनों का प्रयोग करने की दी सलाह
सांस्कृतिक महोत्सव में आयोजक ट्रैफिक जाम की दिक्कत को समझते हुए दर्शकों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो से आने पर जोर दे रहे हैं। दर्शकों के लिए खास तौर पर फ्री शटल भी चलाई जाएगी। यह शटल सेवा मयूर विहार फेज एक और मयूर विहार एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन से समारोह स्थल तक चलेगी।
श्री-श्री रविशंकर के वैश्विक सांस्कृतिक कार्यक्रम के निदेशक संजय शर्मा के मुताबिक, दिल्ली में यूं ही ट्रैफिक जाम की समस्या है। इसलिए हम लोगों ने दर्शकों से मेट्रो या डीटीसी बस से आने का सुझाव दिया है। संस्था से जुड़े लोग निजी वाहन के बजाय मेट्रो का प्रयोग करेंगे।
समारोह स्थल तक पहुंचने के लिए बेशक कई गेट हैं लेकिन पब्लिक एंट्री नौ और दस से ही होगी। इसलिए मेट्रो से समारोह स्थल तक पहुंचाने के लिए विशेष शटल चला रहे हैं। शटल से उतरकर दर्शकों को पैदल पीपा पुल पारकर समारोह स्थल तक पहुंचना होगा। शटल से उन्हें करीब आधा किलोमीटर चलना होगा। जबकि यदि वे निजी वाहन से आते हैं तो फिर डेढ़ किलोमीटर। इसलिए मेट्रो के बाद शटल सेवा ही सबसे आरामदायक सफर होगा।
हर डेढ़ मिनट पर मिलेगी मेट्रो
मेट्रो प्रबंधन ने भी तैयारियां कर ली हैं। कार्यक्रम नोएडा लाइन पर है, लेकिन लाखों लोगों के आने के अनुमान के बीच उसका असर सभी लाइनों पर देखने को मिलेगा। इसलिए मेट्रो ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा रही है। अब हर डेढ़ मिनट पर लोगों को मेट्रो की सुविधा मिलेगी।
सके अलावा मयूर विहार एक और एक्सटेंशन स्टेशन पर स्पेशल काउंटर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को अधिक देर न रुकना पड़े। मयूर विहार फेस एक से होकर मेट्रो फीडर भी निकलती है, जो कि मयूर विहार तीन से शास्त्री पार्क के बीच सेवाएं देती है। यह फीडर मयूर विहार एक्सटेंशन, अक्षरधाम, लक्ष्मी नगर से होते हुए शास्त्री पार्क निकलती है।
आयोजक नोएडा से शटल चलाने की भी योजना बना रहे हैं, ताकि मेट्रो पर भार कम पड़े। हालांकि अभी कुछ तय नहीं हुआ है। इसके अलावा डीटीसी रूट के संबंध में भी पोस्टर लगाने जा रहे हैं।