Shraddha Murder Case: आफताब के जुर्म को लेकर कोर्ट में पुलिस की दलीलें पूरी, अब 25 मार्च को होगी सुनवाई
श्रद्धा हत्याकांड में सोमवार को आरोपी आफताब को लेकर दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में अपनी दलीलें पूरी कीं। अब एडिशनल सेशन जज मनीषा खुराना कक्कर ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख तय की है। उधर, आफताब के वकील जावेद हुसैन ने कोर्ट में इन दलीलों का जवाब देने के लिए समय मांगा है।
विस्तार
चर्चित श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला के खिलाफ ठोस साक्ष्य है और गवाहों के बयानों व अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसका अपराध साबित होता है। दिल्ली पुलिस ने अदालत के समक्ष उक्त तर्क रखते हुए आरोपी के खिलाफ अभियोग तय करने संबंधी अपनी दलीलें पूरी कर ली।
साकेत अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीषा खुराना के समक्ष पेश विशेष सरकारी वकील अमित प्रसद ने अपनी दलीलों में गवाहों के बयानों, पुलिस द्वारा एकत्रित इलैक्ट्रोनिक साक्ष्य, सीएसएफएल की रिपोर्ट व अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि इनसे साबित होता है कि आरोपी ने अपनी लिव इन में रहने वाली श्रद्धा की की हत्याा कर दी और उसके टुकड़े कर विभिन्न स्थानों पर डाल कर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया। ऐसे में आरोपी के खिलाफ अभियोग तय कर उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए।
उन्होंने कहा वे गवाहों के बयानों व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का अपराध साबित कर रहे है। आरोपी की और से पेश अधिवक्ता जावेद हुसैन ने अरोपी का पक्ष रखने के लिए अदालत से समय प्रदान करने का आग्रह किया। अदालत ने मामले की सुनवाई 25 मार्च तय की है।
पुलिस ने 24 जनवरी को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जिसमें 6,000 से अधिक पृष्ठ हैं और अदालत ने उसकी हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। उन्होंने यह भी तर्क दिया है कि अभियोजन पक्ष ने जानबूझकर चार्जशीट की एक डिजिटल प्रति प्रदान की है, जो पढ़ने योग्य नहीं है। दो आवेदनों में आरोपी के वकील एम.एस. खान ने पहली याचिका में कहा था कि उसे मौजूदा मामले में झूठा फंसाया गया है और वह जेल में सड़ रहा है।
इससे पहले आफताब ने कोर्ट से कहा था कि वह अपने वकील एम एस खान को बदलना चाहते हैं और उन्हें आरोपपत्र की प्रति न दी जाए। चार्जशीट 302, 201 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अन्य धाराओं के तहत दायर की गई है।
दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच के 90 दिनों की समाप्ति से पहले आरोप दायर किया। जांच के दौरान, दिल्ली पुलिस ने आफताब के खिलाफ आरोपों को स्थापित करने के लिए नार्को एनालिसिस टेस्ट, पॉलीग्राफ टेस्ट और डीएनए सबूत एकत्र किए। आफताब पर महरौली इलाके में मई 2022 में अपनी लिव-इन पार्टनर की गला दबाकर हत्या करने का आरोप है। कथित गला घोंटने के बाद उसने कथित तौर पर मृतक के शरीर के 35 टुकड़े कर दिए।
आवाज का नमूना प्राप्त करने की अनुमति मांगते हुए विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) अमित प्रसाद ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि मामले की जांच के लिए आवाज का नमूना आवश्यक है। दिल्ली पुलिस के पास मामले से जुड़े कुछ वीडियो और ऑडियो है। दिल्ली पुलिस उस सबूत की जांच के लिए आफताब की आवाज का नमूना लेना चाहती थी। इससे पहले साकेत कोर्ट ने आफताब पूनावाला की जमानत याचिका वापस लेने के बाद खारिज कर दी थी।