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Delhi: आयुर्वेदिक विधि से गर्भवती की देखभाल करेगा एप, इस संस्थान के छात्रों ने तैयार किया इनोवेटिव प्रस्ताव
Tue, 11 Jun 2024 01:17 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 11 Jun 2024 01:17 AM IST
सार
महिलाओं की देखभाल के लिए चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान के स्नातक व स्नातकोत्तर के छात्र एक एप तैयार करेंगे। यह एप डिलीवरी से पहले व बाद में महिलाओं को होने वाली दिक्कतों पर नजर रखेगा। साथ ही बचाव व राहत के लिए सुझाव भी देगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
विस्तार
घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक विधि की मदद से गर्भवती महिलाएं खुद को स्वस्थ रख सकेंगी। ऐसी महिलाओं की देखभाल के लिए चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान के स्नातक व स्नातकोत्तर के छात्र एक एप तैयार करेंगे। यह एप डिलीवरी से पहले व बाद में महिलाओं को होने वाली दिक्कतों पर नजर रखेगा। साथ ही बचाव व राहत के लिए सुझाव भी देगा। इसके अलावा इस एप में गर्भवती महिलाओं से जुड़ी अन्य दूसरी जरूरी सुविधाएं भी होंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि आयुष के बढ़ते दायरे के साथ आयुर्वेद से इलाज करवाने वालों का दायरा बढ़ा है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए विशेष एप का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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दरअसल, दिल्ली सरकार के चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान में सोमवार को छात्रों में उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए अनुसंधान और इनोवेशन सेल का शुभारंभ किया गया। इस सेल की मदद से भविष्य में आयुर्वेद के डॉक्टरों के लिए रोजगार की संभावनाओं के साथ नए मेडिकल उपकरण तैयार किए जाएंगे। सोमवार को संस्थान के स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों ने सेल को कुछ प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इन प्रस्तावों की समीक्षा के बाद तीन को चुना गया। इसमें एक प्रस्ताव के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए एप तैयार करना है। इस एप में आयुर्वेद विधि से महिलाओं के इलाज, बचाव व सुझाव सहित दूसरे जानकारी होंगी। इसके अलावा दूसरे प्रस्ताव में एक ऐसा एप तैयार होगा जिसमें दिल्ली-एनसीआर में सभी आयुर्वेद अस्पताल व चिकित्सा केंद्र की जानकारी होगी।
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वहीं, तीसरे प्रस्ताव में एलोपैथिक दवा की तरह आयुर्वेद दवाओं का प्राथमिक चिकित्सा किट तैयार किया जाएगा। इसमें जरूरत के आधार पर दवाएं व उनके इस्तेमाल की पूरी जानकारी होगी, जिन्हें घरों में रहने वाला कोई भी जरूरत के आधार पर इस्तेमाल कर सकेगा। इन तीनों प्रस्ताव को गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के अटल इनोवेशन सेंटर भेजा गया है। इन प्रस्ताव की समीक्षा होगी और उसके बाद इन्हें तैयार करने के लिए नीति आयोग के सहयोग से फंड उपलब्ध होगा।
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आयुर्वेद के क्षेत्र में संभावनाएं
संस्थान के निदेशक प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. एमबी गौड़ ने कहा कि आयुर्वेद में अनुसंधान एवं इनोवेशन की प्रबल संभावनाएं हैं। भविष्य में नये विचारों से बड़ा बाजार तैयार हो सकता है। इनकी मदद से आयुर्वेद के डॉक्टर आत्मनिर्भर बन सकें। वहीं, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग के बोर्ड ऑफ आयुर्वेद के अध्यक्ष डॉ. बीएस. प्रसाद ने कहा कि इनकी मदद से भविष्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
छात्रों को मिलेगी आर्थिक मदद
गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के अटल इनोवेशन सेंटर के सीईओ हेमंत कुमार ने कहा कि समीक्षा के बाद छात्रों को हर संभव सहायता मिलेगी। वहीं डॉ. जयसिंह यादव ने बताया की सोमवार को छात्रों द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में डॉ. प्रेरणा बहरी व टीम ने प्रथम, डॉ. मानसी ने द्वितीय और रचना आनंद ने तृतीया स्थान हासिल किया।