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मीटर से ही चलेंगी ऐप आधारित कैब, दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी

Thu, 11 Aug 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 11 Aug 2016 12:02 AM IST
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App-based cab will be fed from the meter, Delhi govt gave information to High Court
ola cab - फोटो : ola cab

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में चल रही ऐप आधारित ओला-उबर व अन्य कैब कंपनियों के संचालन के लिए एक नीति तैयार की है। इस नीति के तहत सभी कैब को मीटर से चलना होगा। 

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सरकार ने हाईकोर्ट को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह नीति मंजूरी के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग के पास लंबित है। स्वीकृति मिलते ही नीति को अधिसूचित किया जाएगा।
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तय नीति के अनुसार सभी ऐप आधारित कैब राजधानी में मीटर से ही चलेंगी और सरकार द्वारा निर्धारित किराया ही यात्रियों से लेंगी। इसके अलावा किसी भी प्रकार का कोई अधिभार, सरकार द्वारा तय किराये से अधिक नहीं लिया जा सकता।
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साथ ही यात्रियों को टैरिफ के बारे में सूचित करना और जीपीएस लगाना भी अनिवार्य होगा। सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर कैब संचालकों व यात्रियों से भी परामर्श किया जाएगा।

यह नीति ओला और उबर समेत अन्य ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं द्वारा अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए तैयार की गई है। हाईकोर्ट ने हाल ही में इस मुद्दे पर सरकार से नीति के संबंध में जवाब मांगा था।

उपराज्यपाल से मंजूरी मिलते ही जारी होगी अधिसूचना

App-based cab will be fed from the meter, Delhi govt gave information to High Court
kejriwal

न्यायमूर्ति मनमोहन ने मंगलवार को ही कहा था कि ओला-उबर व अन्य ऐप आधारित कैब के संचालन में अधिक स्पष्टता लाने के लिए मॉडल कानून की जरूरत है। 

अदालत ने इस मामले में कानून बनाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया था। इस कमेटी में सदस्य केंद्र व दिल्ली सरकार का एक-एक अधिकारी व तीसरा सदस्य किसी विशेषज्ञ को शामिल किया जाए। 

अदालत ने सरकार को सदस्यों के नाम देने का निर्देश देते हुए सुनवाई 11 अगस्त को तय की थी। अदालत ने कहा कि जब तक कोई नया कानून नहीं बन जाता, तब तक ओला, उबर सहित तमाम कैब कपंनियों को दिल्ली सरकार द्वारा तय किराये के नियमों का पालन करना होगा।

हाईकोर्ट ने 25 जुलाई को कहा था कि ओला, उबर सहित कोई भी ऐप आधारित कैब कंपनियां यात्रियों से सरकार द्वारा निर्धारित किराये से अधिक नहीं वसूल सकती हैं।

हाईकोर्ट ने यह आदेश ओला, उबर व अन्य ऐप आधारित कैब कंपनियों द्वारा सम-विषम फॉर्मूले और व्यस्त समय में यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के खिलाफ दाखिल याचिका पर दिया था।

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