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Delhi NCR News: अग्रिम जमानत असाधारण उपाय, संयम से किया जाना चाहिए उपयोग
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने कथित निवेश घोटाले के मामले में आरोपी आनंद तिवारी की अग्रिम जमानत (प्री-अरेस्ट बेल) की याचिका को खारिज कर दिया। अवकाशकालीन न्यायाधीश सुगंधा अग्रवाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अग्रिम जमानत देने की शक्ति एक असाधारण उपाय है, जिसका प्रयोग सावधानीपूर्वक और सीमित रूप से ही किया जाना चाहिए।
18 जून को जारी आदेश में न्यायाधीश सुगंधा अग्रवाल ने लिखा, अग्रिम जमानत प्रदान करने की शक्ति एक असाधारण उपाय है और इसे संयम के साथ प्रयोग किया जाना चाहिए। आरोपी आनंद तिवारी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने निवेश घोटाले से संबंधित एफआईआर दर्ज की थी। तिवारी ने गिरफ्तारी से पहले जमानत की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
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नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने कथित निवेश घोटाले के मामले में आरोपी आनंद तिवारी की अग्रिम जमानत (प्री-अरेस्ट बेल) की याचिका को खारिज कर दिया। अवकाशकालीन न्यायाधीश सुगंधा अग्रवाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अग्रिम जमानत देने की शक्ति एक असाधारण उपाय है, जिसका प्रयोग सावधानीपूर्वक और सीमित रूप से ही किया जाना चाहिए।
18 जून को जारी आदेश में न्यायाधीश सुगंधा अग्रवाल ने लिखा, अग्रिम जमानत प्रदान करने की शक्ति एक असाधारण उपाय है और इसे संयम के साथ प्रयोग किया जाना चाहिए। आरोपी आनंद तिवारी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने निवेश घोटाले से संबंधित एफआईआर दर्ज की थी। तिवारी ने गिरफ्तारी से पहले जमानत की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
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