फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Anti-drag system will stop saree or bag getting stuck in metro doors

Safety Measures : मेट्रो के दरवाजों में फंसी साड़ी या बैग तो रोकगा एंटी-ड्रैग सिस्टम, शुरू हुआ परीक्षण

Sat, 02 Aug 2025 05:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 02 Aug 2025 05:50 AM IST
सार

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने मेट्रो दरवाजों में कपड़े, साड़ी, बैग आदि फंसने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एंटी-ड्रैग सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया है।

विज्ञापन
Anti-drag system will stop saree or bag getting stuck in metro doors
Delhi Metro

विस्तार

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षा बढ़ाने पर काम हो रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने मेट्रो दरवाजों में कपड़े, साड़ी, बैग आदि फंसने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एंटी-ड्रैग सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल एक ट्रेन में यह सिस्टम लगाकर परीक्षण किया जा रहा है और जल्द ही चार और ट्रेनों में इसे जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन


माना जा रहा है कि यह कदम उस हादसे के बाद उठाया गया है, जब दिसंबर 2023 में एक महिला की साड़ी मेट्रो के दरवाजे में फंसने से ट्रेन के चलने पर उसे कई मीटर तक घसीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। डीएमआरसी ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए अब मेट्रो के सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रहा है।
विज्ञापन


एंटी-ड्रैग सिस्टम एक अत्याधुनिक सेफ्टी तकनीक है, जो मेट्रो के दरवाजे बंद होने के बाद भी दरवाजों के बीच फंसे कपड़े, बैग स्ट्रैप या किसी अन्य पतली वस्तु का दबाव महसूस कर सकती है। यदि सिस्टम को यह संकेत मिलता है कि कुछ फंसा हुआ है तो ट्रेन को रोकने के लिए स्वतः इमरजेंसी ब्रेक लग जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे यात्री को दरवाजे में फंसने और ट्रेन द्वारा घसीटे जाने से बचाया जा सकेगा। फिलहाल एक ट्रेन में यह सिस्टम लगाकर परीक्षण शुरू कर दिया है। चार अन्य ट्रेनों में भी इसे लगाया जा रहा है। अगले एक-दो वर्षों तक इन ट्रेनों पर विस्तृत परीक्षण, विश्लेषण और फीडबैक के आधार पर निर्णय लिया जाएगा कि बाकी ट्रेनों में इसे शामिल किया जाए या नहीं।

मौजूदा समय में मेट्रो दरवाजों की बाधा पहचानने की सीमा लगभग 15 मिमी थी, जिसे अब घटाकर 7 मिमी तक कर दिया गया है। इससे पतले वस्त्र जैसे साड़ी, दुपट्टा, बेल्ट या बैग के पतले स्ट्रैप दरवाजों में फंसने के बाद भी सिस्टम उन्हें पहचान नहीं पाता। अब ‘एंटी-ड्रैग’ सिस्टम ऐसे ही जोखिमों को भांपकर तुरंत ट्रेन को रोक देगा।

फिलहाल यह सिस्टम पुरानी मेट्रो लाइनों में लगाया जाएगा। नई लाइनों जैसे फेज-चार के कॉरिडोर, पिंक और मैजेंटा लाइन में इसकी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वहां प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (पीएसडी) पहले से ही मौजूद हैं। पीएसडी प्लेटफॉर्म पर ट्रेन और यात्री के बीच एक अतिरिक्त परत के रूप में काम करती हैं, जिससे कोई व्यक्ति ट्रैक पर गिर नहीं सकता या दरवाजों में फंस नहीं सकता।

पुरानी मेट्रो लाइनों में पीएसडी केवल अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर लगे हैं। ऐसे में एंटी-ड्रैग फीचर उन स्टेशनों और ट्रेनों के लिए अनिवार्य हो जाता है जहां पीएसडी नहीं हैं। डीएमआरसी ने यात्रियों को जागरूक करने के लिए भी प्रयास तेज किए हैं।


हाल के महीनों में मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर लगातार यह घोषणा की जा रही है कि यात्री चढ़ते और उतरते समय अपनी साड़ी, दुपट्टा, धोती और बैग का विशेष ध्यान रखें। खासतौर पर महिलाओं को इस संबंध में सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed