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Delhi NCR News: संगीत और नृत्य से सराबोर हुई स्वरलयछंद सांगीत्य की शाम
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शास्त्रीय संगीत को समर्पित रहा महोत्सव का पहला दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मुक्तधारा ऑडिटोरियम के बंग संस्कृति भवन में स्वरलयछंद म्यूजिकल ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से आयोजित दो दिवसीय सांगीत्य महोत्सव का आयोजन हुआ। महोत्सव का पहला दिन भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की उत्कृष्ट परंपराओं को समर्पित रहा, जिसने कला-प्रेमियों को एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसकी रचना और संगीत संयोजन प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित भोलानाथ मिश्रा ने किया। इसके बाद बांसुरी वादक अजनन्य जोशी ने राग भिन्न षडज की मनोहारी प्रस्तुति दी। वहीं, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक अजय मिश्रा ने राग बागेश्वरी का गायन प्रस्तुत किया। आलाप, बंदिश और तानों के माध्यम से उन्होंने राग के विविध रंगों को उकेरा, जिससे पूरा सभागार संगीत रस में डूब गया। संध्या का समापन प्रख्यात कथक नृत्यांगना नयनिका घोष की आकर्षक प्रस्तुति के साथ हुआ। उनके सधे हुए पदचालन, मनोहारी मुद्राओं और प्रभावशाली भावाभिव्यक्ति ने कथक की गरिमा और सौंदर्य को मंच पर साकार कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मुक्तधारा ऑडिटोरियम के बंग संस्कृति भवन में स्वरलयछंद म्यूजिकल ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से आयोजित दो दिवसीय सांगीत्य महोत्सव का आयोजन हुआ। महोत्सव का पहला दिन भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की उत्कृष्ट परंपराओं को समर्पित रहा, जिसने कला-प्रेमियों को एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसकी रचना और संगीत संयोजन प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित भोलानाथ मिश्रा ने किया। इसके बाद बांसुरी वादक अजनन्य जोशी ने राग भिन्न षडज की मनोहारी प्रस्तुति दी। वहीं, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक अजय मिश्रा ने राग बागेश्वरी का गायन प्रस्तुत किया। आलाप, बंदिश और तानों के माध्यम से उन्होंने राग के विविध रंगों को उकेरा, जिससे पूरा सभागार संगीत रस में डूब गया। संध्या का समापन प्रख्यात कथक नृत्यांगना नयनिका घोष की आकर्षक प्रस्तुति के साथ हुआ। उनके सधे हुए पदचालन, मनोहारी मुद्राओं और प्रभावशाली भावाभिव्यक्ति ने कथक की गरिमा और सौंदर्य को मंच पर साकार कर दिया।