एक ऐसा इंजीनियर जिसने ठगी से कमा लिए 25 लाख
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करीब 25 लाख की ठगी के मामले में सेक्टर-49 पुलिस ने सोमवार सुबह एरोनॉटिकल इंजीनियर रविकांत तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसने डाटा एंट्री का काम दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठे। आरोपी फर्जी तरीके से अशोक चिह्न लगा दस्तावेज तैयार करने में एक्सपर्ट था और लोगों को झांसा देने के लिए यही दस्तावेज उन्हें देता था।
पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश का रहने वाला रविकांत तिवारी ने एरोनॉटिकल इंजीनियर की पढ़ाई की है। उसके पिता नागपुर रेलवे में अधिकारी हैं। रविकांत डाटा एंट्री का काम करने की इच्छा रखने वाले लोगों को शिकार बनाता था। यह काम बीपीओ व केपीओ के जरिये होता है।
उसने फर्जी तरीके से सेक्टर-2 में बीपीओ चलाने का ऑफिस खोल रखा था। कुछ दिन पूर्व सेक्टर-49 निवासी अनुज उपाध्याय ने काम दिलाने के लिए रविकांत से संपर्क किया। आरोपी ने काम दिलाने के एवज में अनुज से ऑनलाइन 3.30 लाख रुपये ले लिए और सीलबंद लिफाफे में एक एग्रीमेंट उसे सौंप दिया। इस पर मुहर लगी थी और अशोक चिह्न भी बना था। अनुज के संपर्क में करीब 7 लोग और थे, जिन्होंने काम दिलाने के बदले रविकांत को 2 से 10 लाख रुपये दिए।
करीब 25 लाख रुपये लेने के बाद आरोपी ऑफिस बंद कर फरार हो गया। अनुज और अन्य लोग जब रविकांत के ऑफिस पहुंचे, तब मामले का खुलासा हुआ। पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की। अनुज की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने रविकांत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से एक लैपटॉप बरामद किया गया, जिसमें फर्जीवाड़े से संबंधित काफी जानकारी मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।