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अमूल के दूध पर रेंग रहे थे कीडे़
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 30 Jul 2015 01:28 PM IST
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अमूल की थोक एजेंसी से खराब दूध की सप्लाई की जा रही थी। दूध के पैकेटों पर कीडे़ रेंग रहे थे। फूड सेफ्टी विभाग की लालकुआं क्षेत्र स्थित सीएंडएफ गोदाम पर छापामारी में गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
मौके पर मिले खराब दूध के 480 पैकेट अफसरों ने नष्ट करा दिए। अमूल प्रोडक्ट के छह सैंपल जांच को भेजे गए हैं। एजेंसी में मानकों का पालन न होने और चारों ओर गंदगी मिलने पर नॉमिनी मैनेजर को नोटिस जारी किया है।
एनसीआर में सप्लाई हो रहे दूध की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। दूध का रंग और स्वाद गड़बड़ है। दूध पीने से तबियत खराब होने की शिकायतें भी अफसरों को लगातार मिल रही हैं।
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इसके चलते डीओ विनीत कुमार सिंह के निर्देश पर बुधवार सुबह अमूल दूध के थोक विक्रेता (सी-एंड-एफ) पर छापा मारा गया। लालकुआं क्षेत्र में हंस सीड कंपाउंड में स्थित अमूल एजेंसी पर अफसरों को बड़े स्तर पर गड़बड़ी मिली।
डीओ के अनुसार सप्लाई किए जाने वाले दूध का रंग मटमैला सा था। उसके स्वाद में भी अंदर था। अमूल का यह पैकेट बंद दूध खराब था। उसके 480 पैकेट मौके पर मिले। इनको नष्ट करा दिया गया।
मौके पर इतनी गंदगी थी कि यहां खाद्य पदार्थ में संक्रमण होने का खतरा था। एजेंसी से टीम ने टोंड मिल्क, बादाम शेक, घी, आइसक्रीम, फ्रेश क्रीम और सामान्य स्टैंडर्ड मिल्क के छह सैंपल लेकर जांच को भेजे।
चीफ फूड सेफ्टी अफसर मनोज तोमर के नेतृत्व में की गई छापामारी में विभाग के अधिकारी कमलेश कुमार, कृष्ण गोपाल और यदुवीर सिंह शामिल रहे।
...
दूध की शिकायत मिलने पर यह रैंडम चेकिंग थी। अमूल सीएंडएफ में खाद्य पदार्थों का रखरखाव मानकों के अनुसार नहीं मिला। फ्रीजर तक काम नहीं कर रहा था। खराब मिले दूध को टीम ने नष्ट करा दिया है। अमूल एजेंसी के नॉमिनी को पार्टी बनाया गया है। सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विनीत कुमार सिंह, डीओ गाजियाबाद-नोएडा
हो सकती हैं गंभीर बीमारियां
दूध में मिलावट का बड़ा खेल चल रहा है। एनसीआर से लिए गए दूध के ज्यादातर सैंपल फेल निकले हैं। दूध में डिटरजेंट, केमिकल, यूरिया और कास्टिक आदि मिलाए जा रहे हैं।
ऐसे दूध के प्रयोग से लीवर सोरोसिस, आंत व किडनी का कैंसर, टीबी, स्किन एलर्जी आदि हो जाते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है।
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मौके पर मिले खराब दूध के 480 पैकेट अफसरों ने नष्ट करा दिए। अमूल प्रोडक्ट के छह सैंपल जांच को भेजे गए हैं। एजेंसी में मानकों का पालन न होने और चारों ओर गंदगी मिलने पर नॉमिनी मैनेजर को नोटिस जारी किया है।
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एनसीआर में सप्लाई हो रहे दूध की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। दूध का रंग और स्वाद गड़बड़ है। दूध पीने से तबियत खराब होने की शिकायतें भी अफसरों को लगातार मिल रही हैं।
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इसके चलते डीओ विनीत कुमार सिंह के निर्देश पर बुधवार सुबह अमूल दूध के थोक विक्रेता (सी-एंड-एफ) पर छापा मारा गया। लालकुआं क्षेत्र में हंस सीड कंपाउंड में स्थित अमूल एजेंसी पर अफसरों को बड़े स्तर पर गड़बड़ी मिली।
डीओ के अनुसार सप्लाई किए जाने वाले दूध का रंग मटमैला सा था। उसके स्वाद में भी अंदर था। अमूल का यह पैकेट बंद दूध खराब था। उसके 480 पैकेट मौके पर मिले। इनको नष्ट करा दिया गया।
मौके पर इतनी गंदगी थी कि यहां खाद्य पदार्थ में संक्रमण होने का खतरा था। एजेंसी से टीम ने टोंड मिल्क, बादाम शेक, घी, आइसक्रीम, फ्रेश क्रीम और सामान्य स्टैंडर्ड मिल्क के छह सैंपल लेकर जांच को भेजे।
चीफ फूड सेफ्टी अफसर मनोज तोमर के नेतृत्व में की गई छापामारी में विभाग के अधिकारी कमलेश कुमार, कृष्ण गोपाल और यदुवीर सिंह शामिल रहे।
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दूध की शिकायत मिलने पर यह रैंडम चेकिंग थी। अमूल सीएंडएफ में खाद्य पदार्थों का रखरखाव मानकों के अनुसार नहीं मिला। फ्रीजर तक काम नहीं कर रहा था। खराब मिले दूध को टीम ने नष्ट करा दिया है। अमूल एजेंसी के नॉमिनी को पार्टी बनाया गया है। सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विनीत कुमार सिंह, डीओ गाजियाबाद-नोएडा
हो सकती हैं गंभीर बीमारियां
दूध में मिलावट का बड़ा खेल चल रहा है। एनसीआर से लिए गए दूध के ज्यादातर सैंपल फेल निकले हैं। दूध में डिटरजेंट, केमिकल, यूरिया और कास्टिक आदि मिलाए जा रहे हैं।
ऐसे दूध के प्रयोग से लीवर सोरोसिस, आंत व किडनी का कैंसर, टीबी, स्किन एलर्जी आदि हो जाते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है।