नूतन के पति को मिलेगी मुलायम के भतीजे को फंसाने की सजा!
जिस इंजीनियर यादव सिंह मामले में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के भतीजे और फिरोजाबाद से सांसद अक्षय यादव फंसते नजर आ रहे हैं असल में उसे सीबीआई के हवाले करने के पीछे यूपी के एक आईपीएस अधिकारी की पत्नी का महत्वपूर्ण हाथ है।
5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुद यूपी सरकार ने माना कि यादव सिंह मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव से उन्हें निर्देश मिला था।
इस निर्देश के बाद भी सपा की यूपी सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपने से इनकार कर दिया था। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने 16 जुलाई को यादव सिंह मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दे दिया। सीबीआई जांच शुरु होने के दो महीने से भी कम समय में सपा सुप्रीमो के परिवार और यादव सिंह कनेक्शन का खुलासा हो गया।
मुलायम के ऑडियो टेप से मचा हंगामा
बता दें कि याचिकाकर्ता नूतन ठाकुर के पति और आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने 10 जुलाई को एक ऑडियो टेप जारी किया था जिसमें उन्होंने मुलायम सिंह यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे।
अमिताभ ठाकुर ने बताया कि मुलायम सिंह यादव ने फोन कर उन्हें धमकी दी। अमिताभ यहीं नहीं रुके और उन्होंने इस धमकी के बाद लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में मुलायम सिंह के खिलाफ एफआईआर दायर करने के लिए तहरीर भी दी।
हालांकि हजरतगंज पुलिस ने अमिताभ की शिकायत को खारिज कर दिया। ठाकुर के इस खुलासे के कुछ दिन बाद अचानक एक महिला ने अमिताभ के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया और पुलिस ने तुरंत ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया।
इसके बाद ही अमिताभ ठाकुर को सस्पेंड कर दिया गया और उनके खिलाफ आय से अधिक संपति मामले की जांच तेज कर दी गई।
सूत्रों की मानें तो अमिताभ के खिलाफ जारी जांच पूरी कर ली गई है और जल्द ही इस मामले में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
कैसे जांच में फंसे IPS अमिताभ
लगातार विवादों में घिरे रहने वाले अमिताभ ठाकुर के खिलाफ दो महीने पहले ही विजिलेंस विभाग ने जांच शुरु की थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है।
विजिलेंस ने दो दिन पहले ही शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए अमिताभ ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति कर दी है।
सरकार से अनुमति मिलते ही अमिताभ ठाकुर के खिलाफ किसी भी वक्त एफआईआर दर्ज हो सकती है और उनके खिलाफ जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है।
बता दें कि डीजीपी मुख्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा दाखिल किए गए आईपीआर में गड़बड़ी पाई थी जिसके बाद उनके खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश की थी।