गणतंत्र दिवस: जमीन से आसमान तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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पठानकोट में हुए हमले और आतंकी संगठनों से मिली धमकी के बाद गणतंत्र दिवस के मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भारत आ रहे हैं।
सूत्रों की मानें, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बारे में आतंकियों से मिली धमकी के मद्देनजर भारतीय खुफिया एजेंसियों के अलावा अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और फ्रांस की खुफिया एजेंसी को इंटेलीजेंस और सुरक्षा को लेकर रणनीति बनाने में शामिल किया गया है।
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पहली बार राजधानी के विभिन्न स्थानों पर मॉकड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इन मॉकड्रिल में एनएसजी के कमांडो को भी शामिल किया जा रहा है।
अलकायदा की नजरें गणतंत्र दिवस पर
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दो बड़े आतंकी संगठन आईएस और अलकायदा की नजरें गणतंत्र दिवस समारोह पर लगी हुई हैं। आईएस ने खुले तौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति को धमकी भी दी है।
वहीं दूसरी ओर अलकायदा ने मोदी को निशाना बनाने का कई बार जिक्र किया है। आईएस के संदिग्ध आतंकी भी उत्तराखंड से पकड़े गए हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी हुई है।
गणतंत्र दिवस पर किसी भी हमले से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में कड़े इंतजाम किए हैं। राष्ट्रपति भवन से लालकिला के बीच करीब 55 हजार जवानों को तैनात किया गया है।
सुरक्षा के लिए एयरफोर्स, दिल्ली पुलिस, एनएसजी, एसपीजी के अलावा अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। पहली बार गणतंत्र दिवस रिहर्सल से आम लोगों को दूर रखा गया है।
रिहर्सल ग्राउंड के आसपास किसी को भी फटकने नहीं दिया जा रहा है। वहीं, दिल्ली पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बलों और सेना के खोजी कुत्तों को सुरक्षा में शामिल किया गया है। इसके अलावा राजधानी के आसपास हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं।
एक हजार सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी संदिग्धों पर नजर
सुरक्षा एजेंसियों ने करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों के जरिये परेड के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। इन कैमरों के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जहां भारतीय सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध लोगों पर नजर रखेंगी।
सुरक्षा व्यस्था की जांच के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल वाले दिन फ्रांस के राष्ट्रपति की जगह डमी को राष्ट्रपति मानकर रिहर्सल की जाएगी। बाकायदा मेहमान की तरह सलामी मंच के पास तक कारों का काफिल पहुंचेगा। समारोह स्थल के आसपास करीब 10 हजार जवानों को तैनात किया जाएगा। सलामी मंच के आसपास एसपीजी के अलावा एनएसजी के कमांडो को तैनात किया जाएगा।
नोएडा इलाके से आईटीबीपी के आईजी की नीली बत्ती लगी कार चोरी होने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों के हाथपांव फूले हुए हैं। हाल में पठानकोट में हुए फिदायीन हमले में भारी नुकसान हुआ था। इसी तरह के हमले की धमकी दिल्ली में भी दी गई है। ऐसे में आईजी की कार चोरी होने की घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राजधानी में पहले ही हाईअलर्ट घोषित है। सुरक्षा बलों को संदिग्ध वाहनों पर खास नजर रखने की हिदायत दी गई है।
गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजाम :
- राजधानी की हाईराइज बिल्डिंगों पर किसी भी संदिग्ध पर नजर रखने के लिए शार्प शूटरों को किया गया तैनात।
- हवाई हमले से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने रडार भी लगाए हैं। किसी भी हवाई हमले को भांपकर उसको रोकने में रडार मदद करेगा।
- दिल्ली के आसपास हेलीकॉप्टर से आसमान पर नजर रखी जाएगी।
- किसी भी संदिग्ध सामान की जांच के लिए पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बलों के खोजी कुत्तों को भी किया गया तैनात।
- पुलिस ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, मॉल व सभी भीड़ वाले स्थानों पर बढ़ाई सुरक्षा।
- लोकल पुलिस के अलावा सभी जिले के डीसीपी को खुद पेट्रोलिंग की दी गई हिदायत।
- गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के सभी बार्डरों को कर दिया जाएगा सील।